नई दिल्ली: आईवियर कंपनी लेंसकार्ट (Lenskart) के ड्रेस कोड को लेकर विवाद बढ़ गया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहे हैं। हिंदू संगठनों से जुड़े लोग चार दिनों से इन राज्यों के कई शहरों के लेंसकार्ट स्टोर में जाकर कर्मचारियों को तिलक लगा रहे और कलावा बांध रहे है।
इस बीच बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कंपनी के प्रमोटर्स से कहा, ‘तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले, भारत में काहे को मर रहा है? तेरो कक्का का भारत है क्या? हां! हमारे तो बाप का भारत है।’ दरअसल, पिछले सप्ताह सोशल मीडिया पर कंपनी का एक पॉलिसी डॉक्यूमेंट वायरल हुआ था। इसमें कर्मचारियों को बिंदी, तिलक, कलावा और बुर्का पहनने पर रोक की बात थी। हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी।
भोपाल में हिंदू संगठनों ने स्टोर के कर्मचारियों को तिलक लगाया
भोपाल के न्यू मार्केट स्थित लेंसकार्ट स्टोर के बाहर हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कर्मचारियों को तिलक लगाया। मंत्रोच्चार के साथ कलावा बांधा और नारे लगाए- सनातन का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।
हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यह हिंदुस्तान है, यहां तिलक, कलावा और बिंदी का सम्मान होना चाहिए। कंपनी ने इन पर रोक लगाने की कोशिश की, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रायपुर में स्टोर के कर्मचारियों से कहा– लोगों को अपनी पहचान बताइए
रायपुर के लेंसकार्ट शोरूम में मंगलवार को एक धार्मिक संगठन के कुछ कार्यकर्ता पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से नाम पूछे और उन्हें तिलक लगाकर काम करने को कहा। साथ ही, ग्राहकों को अपनी पहचान बताने की बात भी कही।
इसके बाद एक महिला ने अपना चश्मा दिखाते हुए कहा कि वह इसी कंपनी का चश्मा इस्तेमाल करती हैं, लेकिन अब इसे तोड़कर फेंक रही हैं। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
गाजियाबाद में BJP विधायक बोले- लेंसकार्ट के मालिक के माता या पिता मुसलमान होंगे
गाजियाबाद की लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर मंगलवार शाम अपने समर्थकों के साथ लेंसकार्ट के शोरूम पहुंचे। वहां उन्होंने कंपनी के ड्रेस कोड का विरोध किया और कहा कि भारत में रहकर बिंदी और कलावा पहनने पर रोक लगाना गलत है। कंपनी के मालिक की जांच होनी चाहिए, इसके माता या पिता मुसलमान होंगे।
मुंबई में BJP की महिला नेता ने लेंसकार्ट स्टोर में हंगामा किया
मुंबई के अंधेरी में 19 अप्रैल को लेंसकार्ट के एक स्टोर में बीजेपी नेता नाजिया इलाही खान (नाजिया सनातनी) ने घुसकर हंगामा किया। उन्होंने स्टोर के मुस्लिम मैनेजर से ड्रेस पॉलिसी को लेकर बहस की और उस पर शरिया लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने हिंदू कर्मचारियों को तिलक भी लगाया।
अब समझिए पूरा विवाद
एक्टिविस्ट शेफाली वैद्य ने X पर एक पोस्ट कर की। इसमें उन्होंने लेंसकार्ट का ड्रेस कोड को लेकर डाक्यूमेंट शेयर किया। उन्होंने कंपनी के फाउंडर से पूछा- पीयूष बंसल, क्या आप स्पष्ट कर सकते हैं कि लेंसकार्ट में हिजाब ठीक है लेकिन बिंदी और कलावा क्यों नहीं? इसके बाद लोगों ने लेंसकार्ट को ट्रोल किया और कंपनी की नीति पर सवाल उठाए।
So I confirmed, this is genuine. This is what @peyushbansal tells his employees, hijab is okay, but bindi/tilak/Kalawa is not, for @Lenskart_com, a company that exists in Hindu majority Bharat, where most of the employees and consumers are Hindu! What do you say to this? This is… https://t.co/jQ2EPdWPJM pic.twitter.com/SWfOajOjpo
— Shefali Vaidya. 🇮🇳 (@ShefVaidya) April 15, 2026
पीयूष बंसल बोले– वायरल डॉक्यूमेंट पुराना और गलत
कंपनी के फाउंडर पीयूष बंसल ने विवाद बढ़ता देख 15 अप्रैल को X पर पोस्ट कर बताया कि वायरल डॉक्यूमेंट पुराना है। यह कंपनी की मौजूदा गाइडलाइन को नहीं दर्शाता। कंपनी सभी धर्मों का सम्मान करती है। देश में हमारे हजारों टीम मेंबर्स हैं, जो हर दिन अपने विश्वास और संस्कृति को गर्व के साथ अपनाते हैं।
वायरल डॉक्यूमेंट में क्या लिखा है?
सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ‘ग्रूमिंग गाइड’ के मुताबिक, महिला कर्मचारियों को स्टोर में बिंदी या क्लचर लगाने की अनुमति नहीं है। हाथ में पहने जाने वाले कलावा या रिस्ट बैंड को भी हटाने का निर्देश दिया गया है।
इसी डॉक्यूमेंट में लिखा है कि अगर कोई कर्मचारी हिजाब या पगड़ी पहनता है, तो वह काले रंग का होना चाहिए। हिजाब की लंबाई ऐसी हो कि कंपनी का लोगो न छुपे। बुर्का पहनकर स्टोर में काम करने की मनाही की गई है।