अयोध्या राम मंदिर से करोड़ों की चोरी का दावा: चंपत राय बोले- कोई गड़बड़ी नहीं मिली, अखिलेश ने फिर घेरा
अयोध्या: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सीएम अखिलेश यादव का आरोप है कि अयोध्या राम मंदिर में आए चढ़ावे में करोड़ों रुपये की चोरी की गई है। उन्होंने रविवार दोपहर X पोस्ट लिखकर कहा- ‘सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को खुद इस मामले का संज्ञान लेना चाहिए।’
अयोध्या में सपा के पूर्व विधायक व मंत्री रहे पवन पांडेय ने दावा किया कि 5 से साढ़े 7 करोड़ तक की चोरी की गई है। अगर चोरी नहीं हुई है तो ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय सामने आएं और प्रभु श्रीराम की कसम खाकर कहें कि आरोप झूठे हैं। अगर बात सच है तो एफआईआर करवाएं।
चंपत राय बोले- ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई
अखिलेश के आरोपों पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का समय-समय पर आंतरिक ऑडिट होता है। इस काम में ट्रस्ट और SBI बैंक के प्रतिनिधि शामिल रहते हैं। ऑडिट कई दिन तक चलता है। वही काम आजकल हो रहा है। अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महामंत्री चंपत राय का सभी की जानकारी हेतु संदेश#vhp #rammandir pic.twitter.com/jEf75NtRXO
— Nishant Rai (निशांत राय) (@Nishantrai13) June 7, 2026
चंपत राय की सफाई पर अखिलेश ने कहा- स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं
अखिलेश यादव ने चंपत राय की सफाई पर भी पलटवार किया है। उन्होंने X पर लिखा, ‘स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है। लगता है ये इनके लिए हर हफ्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं। चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है। ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आंकडों के मिलान के लिए सीसीटीवी के साक्ष्य का सहारा लिया जाए। जैसे ही सारे ट्रस्टी एक साथ बैठेंगे तो सच तत्काल बाहर आ जाएगा, क्योंकि उनमें हर कोई एक जैसा नहीं है।’
स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है।
लगता है ये इनके लिए हर हफ़्ते की साधारण बात है, और इतनी अधिक साधारण है कि ये इसे अब ‘उल्लेखनीय’ भी नहीं मानते हैं।
चेहरे के भाव और देह की भाषा हताशा और निराशा से भरी है।
ट्रस्ट के सभी सदस्यों को एक साथ बैठाकर स्पष्टीकरण दिया जाए और आँकडों के…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
उन्होंने आगे लिखा- इस हेराफेरी की शंका के केंद्र में जब कोई एक व्यक्ति विशेष है ही नहीं तो फिर किसी एक के स्पष्टीकरण का क्या महत्व है। ये भी स्पष्ट किया जाए कि 40 सेकंड का स्पष्टीकरण आने में इतने घंटे क्यों लगे और स्पष्टीकरण के नाम पर 1 मिनट बोलना भी भारी क्यों पड़ रहा है। प्रदेश सरकार की चुप्पी की तरह ये सफ़ाई भी संदिग्ध है। ऐसा लग रहा है जैसे स्पष्टीकरण के नाम पर शाब्दिक औपचारिकता निभाई जा रही है। संपूर्ण विश्व का सनातन समाज, इस बेहद कमजोर स्पष्टीकरण से और भी अधिक शंकित और आहत हुआ है।
अखिलेश ने लिखा- रुपये गायब होना मंदिर ट्रस्ट के लिए शर्मनाक
इससे पहले अखिलेश यादव ने X पोस्ट कर लिखा, पूरी दुनिया में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील खबर है। राम मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों रुपए की रकम गायब मिली है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और सरकार को भी घेरा है। लिखा, करोड़ों रुपए गायब होना मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
समस्त विश्व में भगवान राम के उपासकों के लिए ये एक बेहद संवेदनशील समाचार है कि ‘राम मंदिर’ के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पायी गई है।
ये मंदिर ट्रस्ट के लिए अत्यंत शर्मनाक स्थिति है। कोई भी सफ़ाई देने के लिए सामने नहीं आना चाहता है।
न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने की माँग है…
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) June 7, 2026
सपा अध्यक्ष ने कोर्ट से स्वत: संज्ञान लेने की मांग की है, क्योंकि इसका सीधा संबंध वैश्विक स्तर पर समस्त सनानती समाज की प्रभु राम में गहरी आस्था से जुड़ा है। सरकार की चुप्पी संदिग्ध है।



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