Germany: जर्मनी के मोर्स शहर के डुइसबर्ग इलाके के एक गुरुद्वारे में हुई हिंसक झड़प में 11 लोग घायल हो गए हैं. झड़प के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. वायरल वीडियो में लड़ाई के दौरान चाकू और कृपाण से हमला करते लोग नजर आ रहे हैं. जर्मन अखबार बिल्ड के अनुसार, इस झड़प में लगभग 40 लोग शामिल थे, जिसके चलते पुलिस ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई की. मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस सामरिक इकाइयों की तैनाती की गई. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धार्मिक परिसर के अंदर धारदार हथियारों के अलावा, काली मिर्च स्प्रे और यहां तक कि बंदूक का भी इस्तेमाल किया गया.
प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु ने क्या बताया
हालांकि इस खूनी झड़प के सटीक कारणों की जांच चल रही है, लेकिन प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने कहा कि विवाद नए निदेशक मंडल के चुनाव को लेकर हो सकता है. खबरों के अनुसार इन विवादों में गुरुद्वारे के कोष से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं, जिन पर कई समूह अपना-अपना दावा कर रहे हैं. सोमवार को हुई इस हिंसक झड़प के प्रत्यक्षदर्शी 56 वर्षीय एक श्रद्धालु ने बिल्ड अखबार को बताया, “यह सब सुनियोजित रहा होगा. पूजा शुरू होने से कुछ ही देर पहले हमलावरों ने अचानक मिर्च स्प्रे का इस्तेमाल किया और विरोधियों पर स्प्रे कर दिया. फिर उनमें से 1 ने पिस्तौल से गोली चलाई. मैंने चाकू भी देखे.”
🤯🇩🇪 Shocking scenes from Gurdwara Duisburg, Germany:
Sikhs fighting inside sacred space, turbans flying, kirpans drawn on each other over Golak money, and a forced takeover by the previous management, who lost the election.
This violence isn't random. It's the direct result of… pic.twitter.com/47h4lni6w1
— Allen Hampton (@Hamp_Allen) April 20, 2026
किस बात को लेकर विवाद
उन्होंने बताया कि गुरुद्वारे के पूर्व और वर्तमान बोर्ड सदस्यों के बीच फंड मैनेजमेंट को लेकर मतभेद थे. प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “काफी समय से समस्याएं और विवाद चल रहे हैं, लेकिन मुख्य मामला अंतिम निर्णय लेने वाले व्यक्ति के अधिकार को लेकर है. जब हमला शुरू हुआ तो कई लोग घबराकर गुरुद्वारे से भाग गए. स्थिति और भी बदतर हो सकती थी.”
एक संदिग्ध गिरफ्तार
बिल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, झड़प में 11 लोग घायल हुए हैं. घायलों का मौके पर ही पैरामेडिक्स और एक आपातकालीन चिकित्सक द्वारा इलाज किया गया. एक संदिग्ध को पुलिस ने हथकड़ी लगाकर गिरफ्तार किया है. आपराधिक जांच विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि असल में किसने किस पर हमला किया. हथियार अभी तक नहीं मिला है.