Bahraich Violence: मायावती बोलीं- पक्षपात न हो, अगर जिम्मेदारी निभाई गई होती तो ऐसी घटना कभी नहीं होती
Bahraich Violence: बहराइच में मूर्ति विसर्जन के दौरान भड़की हिंसा की आग से इलाके में 50 से ज्यादा घरों में तोड़-फोड़ की गई है। हालांकि, इन घरों एक भी शख्स मौजूद नहीं है। हरदी और महसी इलाके 20 किमी क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस गाड़ियां लगातार घूम रही हैं। इलाके में 300 ज्यादा पुलिस कर्मी तैनात हैं। इसमें RAF, PAC और स्थानीय पुलिस शामिल है। वहीं, हिंसा में मारे गए राम गोपाल के परिजन आज सीएम योगी से मुलाकात करेंगे।
वहीं, बसपा प्रमुख मायावती ने बहराइच हिंसा को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दो पोस्ट किया है। इसमें लिखा- यूपी के बहराइच जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति का खराब होकर काबू से बाहर हो जाना चिन्ताजनक। ऐसे हालात के लिए शासन-प्रशासन की नीयत व नीति पक्षपाती नहीं बल्कि पूरी तरह से कानूनवादी होना चाहिए ताकि सम्बंधित मामला गंभीर न होकर यहां शान्ति व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।

मायावती ने अपने दूसरे पोस्ट में कहा- साथ ही, त्योहार कोई भी व किसी मजहब का हो, शान्ति व्यवस्था सरकार की पहली जिम्मेदारी है। ऐसे अवसर पर विशेष प्रबंध जरूरी। यदि ऐसी जिम्मेदारी निभाई गई होती तो बहराइच की घटना कभी भी घटित नहीं होती। सरकार हर हाल में अमन-चैन व लोगों के जान-माल व मजहब की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

20 किमी का एरिया हिंसा प्रभावित
रमपुरवा चौकी, महाराजगंज, महसी तहसील समेत करीब 20 किमी का एरिया हिंसा प्रभावित है। सोमवार को आगजनी में भीड़ ने एक अस्पताल, 20 से ज्यादा दुकानों और घरों में आग लगा दी थी। रातभर फोर्स ने हिंसा प्रभावित इलाकों में गश्त की है। लोगों में गुस्सा इसलिए भी ज्यादा है कि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।



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