राम मंदिर चढ़ावा चोरी: दो आरोपियों को जेल से ले गई पुलिस, CEO के लिए 24 घंटे में 1000 आवेदन
अयोध्या: भगवान राम के मंदिर में चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपी रमाशंकर मिश्रा और रिटायर्ड बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव को पुलिस ने 14 घंटे की रिमांड पर ले लिया है। बुधवार सुबह पुलिस फैजाबाद जेल पहुंची और दोनों को पुलिस लाइन लेकर गई। पूछताछ के बाद आरोपियों को उनके घर भी ले जाया जा सकता है। पुलिस पता लगाएगी कि आरोपियों ने चढ़ावे के पैसे कैसे चुराए, उसे कहां छिपाया?
रमाशंकर के पास चढ़ावे को काउंटिंग रूम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। पुलिस को उसके बैंक खाते में 7.32 लाख रुपये मिले हैं। सुभाष चढ़ावा गिनने वालों की निगरानी करते थे। एसबीआई के रिटायर कर्मचारी हैं। मंगलवार को पुलिस ने रमाशंकर और सुभाष श्रीवास्तव को कोर्ट में पेश कर सात दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने 14 घंटे की रिमांड मंजूर की। इससे पहले, पुलिस आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है।
राम मंदिर सीईओ बनने के लिए 1000 से ज्यादा आवेदन
उधर, सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर के सीईओ बनने के लिए देशभर से 1000 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने के 24 घंटे के भीतर ही चयन समिति के आधिकारिक ईमेल पर इतने आवेदन पहुंच गए। सबसे ज्यादा आवेदन रिटायर्ड अफसरों ने किए हैं।
अयोध्या के संत बोले- कोर्ट के संज्ञान के बिना सच सामने नहीं आएगा
सीताराम निवास कुंज मंदिर के संत सत्येंद्र दास वेदांती जी महाराज कहते हैं, “यह एक सही कदम है। कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया है क्योंकि यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। जब तक न्यायपालिका संज्ञान नहीं लेगी, तब तक सच सामने नहीं आएगा। SIT द्वारा अब तक की गई कार्रवाई और उसकी जांच की प्रगति की भी समीक्षा होनी चाहिए…”
Ayodhya, Uttar Pradesh: On the SC issuing a notice to the Ram Mandir Trust and seeking a status report from the SIT in the Ram Temple donation case, Sitaram Niwas Kunj Temple saint Satendra Das Vedanti Ji Maharaj says, "This is an appropriate step. The court has taken cognisance… pic.twitter.com/isSAJZFwKg
— IANS (@ians_india) July 14, 2026
दान चोरी के आरोप लगाने वालों की वस्तुएं जांच के बाद लौटाई जा सकती हैं
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब उन श्रद्धालुओं की भेंट वापस करने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने दान की गई वस्तुओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। इन दानदाताओं का आरोप था कि उन्होंने रामलला को सोने-चांदी के आभूषण और दूसरी कीमती वस्तुएं अर्पित कीं, लेकिन उन्हें इसकी रसीद नहीं दी गई। इससे उन्हें आशंका हुई कि उनकी भेंट सुरक्षित है या नहीं। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट ऐसे मामलों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। अगर कोई श्रद्धालु यह साबित कर देता है कि संबंधित वस्तु उसी ने दान की थी और उसके पास पर्याप्त साक्ष्य हैं, तो उसका दावा अलग से जांचा जा सकता है।
पहचान और दस्तावेजों की पुष्टि के बाद वस्तु लौटाने पर फैसला होगा। फर्जी दावों से बचने के लिए जांच प्रक्रिया सख्त रखी जाएगी। ट्रस्ट का मानना है कि गर्भगृह में सभी भेंट स्थायी रूप से रखना संभव नहीं है। सीमित स्थान के कारण उपयोगी वस्तुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखा जाता है। हालांकि, ट्रस्ट ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
आरोपी लवकुश मिश्रा का मकान सील होगा
अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने चढ़ावा चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा के निर्माणाधीन मकान पर अंतिम नोटिस चस्पा कर दिया है। ADA ने इससे पहले 3 जुलाई को नोटिस दी थी, लेकिन लवकुश की पत्नी सुप्रिया मिश्रा ने कोई जवाब नहीं दिया। अब प्राधिकरण ने 15 जुलाई तक का अंतिम अवसर दिया है। एडीए ने चेतावनी दी है कि अगर जवाब नहीं मिला तो निर्माणाधीन मकान को सील कर दिया जाएगा।
पुलिस आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी
पुलिस आरोपी रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव को लेकर पुलिस लाइन आई है। उनका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। इसके बाद एसओजी कार्यालय में आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। दोनों को पैसों के कथित बंटवारे वाले स्थान यानी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के बाग भी लेकर जा सकती है। पुलिस दोनों को लेकर उनके घर भी जा सकती है। सुबह 8:30 बजे से शुरू हुई रिमांड रात 10:30 बजे तक चलेगी। निर्धारित समय से पहले दोनों को जेल में पेश करना होगा।



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