अखिलेश यादव ने मुझे तलाक दिया, तभी तो उन पर गुस्सा आता है: मंत्री ओपी राजभर

अखिलेश यादव ने मुझे तलाक दिया, तभी तो उन पर गुस्सा आता है: मंत्री ओपी राजभर

बलिया: यूपी पंचायतीराज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव ने उन्हें तलाक दे दिया है, इसलिए जब भी उनका सामना होता है तो उन्हें गुस्सा आ जाता है। राजभर ने दावा किया कि सपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां दगी हुई कारतूस हैं।

ओपी राजभर शनिवार शाम 6.30 बजे भाजपा के जनसंवाद कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि 2017 में सपा ने 47 सीटें जीती थीं। लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव में उसका 27 सीटें जीतना भी बड़ी बात होगी। कार्यक्रम का आयोजन भीखा भगत पोखरा परिसर में किया गया था।

विरासत में सत्ता मिल सकती है, बुद्धि नहीं

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि उन्होंने राजनीति में कई पहलवान तैयार किए हैं। अपनी तुलना पौराणिक पात्र बाली से करते हुए कहा- जिस तरह बाली के सामने आने पर विरोधियों का आधा बल समाप्त हो जाता था। वैसे ही उन्हें देखकर विरोधियों को 100 डिग्री बुखार आ जाता है।

मंत्री राजभर ने कहा कि विरासत में सत्ता मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं। सपा के नेता दिन में भाजपा का विरोध करते हैं, जबकि रात में सीएम योगी और पीएम मोदी से मुलाकात करते हैं। उनके पास इससे जुड़े फोटो भी हैं। इस दौरान उन्होंने रामगोपाल यादव द्वारा गृह मंत्री अमित शाह को दी गई चिट्ठी का भी जिक्र किया।

जहां घटनाएं वहां अखिलेश की जाति के लोग

राजभर ने कहा कि राम मंदिर के मामले में किसका नाम आया? अखिलेश यादव की जाति के टिन्नू यादव का। प्रयागराज में हत्या हुई, वहां भी अखिलेश यादव की जाति के लोगों का नाम आया। आजमगढ़ में हत्या हुई, वहां भी वही नाम सामने आया। जहां-जहां घटनाएं हो रही हैं, वहां अखिलेश यादव की जाति के लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।

राम मंदिर की घटना से करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर विपक्ष द्वारा आस्था के साथ राजनीति करना निंदनीय है।

महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां कमजोर हुईं

महिला आरक्षण विधेयक का जिक्र करते हुए राजभर ने कहा कि पीएम मोदी महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का कानून लेकर आए। लेकिन समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, टीएमसी और शिवसेना ने इसका विरोध किया।

उन्‍होंने दावा किया कि महिला आरक्षण का विरोध करने वाली पार्टियां कमजोर हुई हैं। आगामी मानसून सत्र के दौरान समाजवादी पार्टी में भी टूट देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि सपा को अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर अधिक आत्मविश्वास नहीं होना चाहिए।

राजनीतिक संघर्ष का भी जिक्र

ओपी राजभर ने कहा कि जब मैंने 27 अक्टूबर, 2002 को महाराजा सुहेलदेव के इतिहास को सामने लाने का अभियान शुरू किया था, तब उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा था। इतिहास और विरासत ही किसी समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। बिना इतिहास के कोई भी लंबे समय तक नहीं टिक सकता।

वहीं, फेफना विधानसभा क्षेत्र के रतसर में प्रस्तावित जनसभा से पहले सपा कार्यकर्ताओं विरोध प्रदर्शन किया। गड़वार-फेफना मार्ग पर सपाइयों ने काले झंडे दिखाए। विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। वहीं, सुरक्षा कारणों से मंत्री राजभर की यात्रा मार्ग में भी बदलाव किया गया।

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