चुनाव से पहले कांग्रेस में ‘भगदड़’ के संकेत? 35 साल पुराने नेता ने छोड़ा पार्टी का साथ
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट के बीच कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी को उस समय बड़ा संगठनात्मक झटका लगा है, जब वह प्रदेश में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने की कवायद में जुटी है। करीब 35 वर्षों तक कांग्रेस से जुड़े रहे वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश प्रवक्ता अशोक सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को संबोधित पत्र के माध्यम से भेजा है।
अशोक सिंह का इस्तीफा ऐसे समय आया है, जब कांग्रेस उत्तर प्रदेश में संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और विधानसभा चुनाव के लिए माहौल बनाने में लगी है। पार्टी ने हाल ही में राजेंद्र पाल गौतम को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी देकर संगठन को सक्रिय करने का प्रयास शुरू किया है। लेकिन वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी ने इन कोशिशों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

चार जुलाई को अशोक सिंह को मिला था कारण बताओ नोटिस
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने 04 जुलाई को अशोक सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया था। माना जा रहा है कि इसी कार्रवाई से आहत होकर उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया। हालांकि, कांग्रेस की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा चुनाव से पहले किसी ऐसे नेता का पार्टी छोड़ना, जिसने तीन दशक से अधिक समय तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई हो, कांग्रेस के लिए महज एक इस्तीफा नहीं बल्कि संगठन के भीतर बढ़ती असहजता का संकेत माना जाएगा। यदि पार्टी समय रहते असंतुष्ट नेताओं को साधने में सफल नहीं होती है तो चुनावी तैयारियों पर इसका असर पड़ सकता है।



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