हड्डियां और मसल्स की मजबूती के लिए ‘चलें’ जरूर

हड्डियां और मसल्स की मजबूती के लिए ‘चलें’ जरूर
  • एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में 24वीं वर्षगांठ पर युवा स्वास्थ्य मेले का समापन

बरेलीः 24वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में जारी चार दिवसीय युवा स्वास्थ्य मेला के चौथे और अंतिम दिन शनिवार को निशुल्क जांच का लाभ उठाने वालों की संख्या पांच हजार की संख्या पार कर गई। पहले दिन एक हजार से ज्यादा, दूसरे और चौथे दिन दिन 1.5 -1.5 हजार से ज्यादा युवाओं ने निशुल्क स्वास्थ्य जांचों का लाभ उठाया था। अंतिम दिन स्वास्थ्य जागरूकता परिचर्चा में चिकित्सकों ने स्वस्थ जीवनशैली के लिए पैदल चलने का संदेश दिया। विशेषज्ञों ने कहा कि शरीर के अन्य अंगों के साथ ही दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए भी सक्रिय रहना जरूरी है। आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एसके कौशिक ने कहा कि निष्क्रिय जीवन शैली का असर शरीर के दूसरे अंगों की तरह ही हड्डियों पर भी पड़ रहा है। युवावस्था में ही हड्डियां खोखली होती जा रही हैं। जरा सा धक्का लगने पर उनके टूटने का खतरा बढ़ गया है। इसकी वजह हमारा निष्क्रिय रहना और असंतुलित खानपान है। मोबाइल भी इसमें बड़ी वजह बन रहा है। एक ही स्थान पर मोबाइल के साथ घंटों बैठे रहने से गर्दन की हड्ड़ी में दर्द, कंधे में दर्द, कमर और पैरों में दर्द की शिकायत बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इससे निजात पाने के लिए फिजिकल एक्टिविटी करना जरूरी है। ऐसे में पैदल चलना जरूरी है। इससे हड्डियां और मसल्स तो मजबूत होती ही हैं। दिमाग भी स्वस्थ रहता है।

लीवर पर सबसे अधिक पड़ता है खाराब जीवनशैली का असर

नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. संजय कुमार ने किडनी पर खराब जीवनशैली के असर को बताया। उन्होंने कहा कि देश में दस में से एक व्यक्ति किडनी की समस्या से परेशान है। यह संख्या बढ़ती जा रही है। युवाओं भी तेजी से इस परेशानी की गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं। बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक दवाइयां लेने की वजह से किडनी पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। ऐसे में डायलिसिस की आशंका बढ़ जाती है। ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. निवेदिता गुप्ता ने लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ रहे कैंसर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुंह का छोटा सा छाला या शरीर में कोई भी गांठ कैंसर हो सकती है। ऐसे में इनकी अनदेखी न करें और ज्यादा दिन तक रहने वाले किसी भी छाले या गांठ को गंभीरता से लें। गैस्ट्रोइंटेरोलाजिस्ट डॉ. शिवम गुप्ता ने कहा कि खराब जीवनशैली का सबसे बड़ा असर लिवर पर पड़ता है। देश में 30 फीसदी आबादी फैटी लिवर से पीड़ित है। ऐसे में साल भर में एक बार फाइब्रोस्कैन जरूर कराएं। फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. निकिता ने रोजाना की दिनचर्या में एक्सरसाइज और योग को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दिन भर में 40 मिनट तक तेज कदमों से चलें या कोई भी अन्य एक्सरसाइज करें।

हड्डियां और मसल्स की मजबूती के लिए ‘चलें’ जरूर

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