SRMS Bareilly: फाउंडर्स डे पर एडमिनिस्ट्रेशन, सपोर्टिंग स्टाफ, शिक्षक व डाक्टर सम्मानित
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एसआरएमएस मेडिकल कालेज में रक्तदान कैंप भी आयोजित
SRMS Bareilly: एसआरएमएस ट्रस्ट की ओर से शनिवार को धूमधाम से फाउंडर्स डे मनाया गया। मेडिकल कॉलेज परिसर में हवन के बाद मुख्य कार्यक्रम एसआरएमएस कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएमएस सीईटी) स्थित श्रीराम मूर्ति शतिक ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें अपने काम के जरिये सराहनीय योगदान देने वाले ट्रस्ट के विभिन्न संस्थानों के एडमिनिस्ट्रेटिव, सपोर्टिंग स्टाफ के साथ शिक्षक एवं डॉक्टर सम्मानित किए गए। ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति ने अपने जीवन की चुनौतियों का उदाहरण देकर सभी लोगों को सफलता के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जब कोई बोले- तुम यह काम नहीं कर पाओगे, चुनौती माने और ईश्वर पर भरोसा रख कर उसमें हासिल करें सफलता। फाइंडर्स डे पर एसआरएमएस मेडिकल कालेज में रक्तदान कैंप भी आयोजित किया गया।

आज 6000 लोगों का बड़ा परिवार है एसआरएमएस ट्रस्ट
श्रीराम मूर्ति स्मारक इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज ने शनिवार को अपनी स्थापना की 24वीं वर्षगांठ मनाई। इसी दिन एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक देव मूर्ति का जन्मदिन होने से संस्थान की ओर से फाउंडर्स डे आयोजित किया गया। एसआरएमएस सीईटी में सरस्वती वंदना और संस्थान गीत के साथ आरंभ हुए फाउंडर्स डे में देव मूर्ति ने जन्मदिन पर शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि 36 वर्ष पहले डेढ़ लोगों से शुरू हुआ एसआरएमएस ट्रस्ट आज 6000 लोगों का बड़ा परिवार है। उम्मीद है यह जल्द ही 10 हजार लोगों की संख्या को पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कामयाबी ऐसे ही नहीं मिली। इसके पीछे पिता का आशीर्वाद और ईश्वर की अनुकंपा तो रही ही, इसमें उन लोगों का भी योगदान है जिन्होंने मुझसे हर काम पर कहा कि यह तुमसे न हो पाएगा। मेरे हर काम पर लोग कहते गए कि तुम यह नहीं कर पाओगे और उनकी इस बात को चुनौती मान कर उसे पूरा करता चला गया।

उन्होंने बताया, 24 वर्ष की उम्र में मिनी शुगर प्लांट लगाया। तभी लोगों ने कहा यह तुमसे नहीं हो पाएगा। लेकिन उसमें सफलता मिली। एसआरएमएस ट्रस्ट की स्थापना की, तो करीबी लोगों ने ट्रस्ट की उम्र 2-3 साल होने की भविष्यवाणी की। ट्रस्ट को 36 साल हो गए। इंजीनियरिंग कालेज की स्थापना पर मुझसे इंजीनियरिंग की स्पेलिंग पूछी कर सवाल उठाया गया। इस पर ट्रस्ट को प्रदेश का पहला निजी इंजीनियरिंग कॉलेज स्थापित करने का श्रेय मिला। ऐसी ही बातें मेडिकल कालेज की स्थापना पर भी कहीं गई, लेकिन आज देश दुनिया में बरेली की पहचान एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज बना रहा है। आज एसआरएमएस ट्रस्ट के 22 से ज्यादा संस्थान संचालित हैं। देव मूर्ति ने उपस्थित लोगों को दुनिया से मिलने वाली हर चुनौती को स्वीकार कर सिद्धांतों से समझौता किए बगैर उसे पूरा करने की सलाह ही। असंभव को संभव कर चुनौती देने वालों को अपना सर्वश्रेष्ठ देकर जवाब देना चाहिए।

बड़े सपने देंखें और उन्हें पूरा करने का खुद से वादा करें
एसआरएमएस ट्रस्ट के सेक्रेटरी आदित्य मूर्ति ने फाउंडर्स डे पर सभी का स्वागत किया और दूसरे से सीख लेकर और प्रोत्साहित कर आगे बढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बड़े सपने देंखें और उन्हें पूरा करने का खुद से वादा करें। एसआरएमएस सीईटी के प्रिंसिपल डॉ. प्रभाकर गुप्ता ने वर्ष भर की इंजीनियरिंग कॉलेज की उपलब्धियों का जिक्र किया तो एसआरएमएस मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) डॉ. एमएस बुटोला ने मेडिकल कालेज की उपलब्धियों को साझा किया। फाउंडर्स डे कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट परिवार की तीसरी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करने वाली देविशा मूर्ति ने सभी का आभार जताया और धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन डा.रुचि शाह ने किया। इस अवसर पर आशा मूर्ति, ऋचा मूर्ति, डॉ. श्यामल गुप्ता, उषा गुप्ता, आलोक गुप्ता, गुरु मेहरोत्रा, ट्रस्ट एडवाइजर सुभाष मेहरा, डॉ. निर्मल यादव, मेडिकल कॉलेज के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. आरपी सिंह, पैरामेडिकल कालेज की प्रिंसिपल डॉ, जसप्रीत कौर, सीईटीआर के डीन डॉ. शैलेश सक्सेना, इंटरनेशनल बिजनेस स्कूल (आईबीएस) लखनऊ के डीन डॉ. तरुण गंगवार, नर्सिंग कॉलेज के डीन डॉ. पारसराम, सभी कॉलेज के डीन, डीएसडब्ल्यू और स्टाफ मौजूद रहा।




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