SRMS मेडिकल कॉलेज में युवा स्वास्थ्य मेले का दूसरा दिन, डॉक्टर्स ने दिया स्वस्थ शरीर का मंत्र
बरेली: श्री राम मूर्ति स्मारक (SRMS) मेडिकल कॉलेज की 24वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित चार दिवसीय ‘युवा स्वास्थ्य मेला’ के दूसरे दिन गुरुवार को युवाओं का भारी हुजूम उमड़ा। मेले में एक दर्जन से ज्यादा नि:शुल्क जांचों का लाभ उठाने वालों की संख्या दो दिनों में ढाई हजार (2500) के पार पहुंच गई है, जबकि पहले दिन यह आंकड़ा एक हजार के करीब था।
मेले के दूसरे दिन आयोजित जागरूकता परिचर्चा में कार्डियोलॉजिस्ट, फिजिशियन, पैथोलॉजिस्ट, साइकियाट्रिक और फिजियोथेरेपिस्ट ने युवाओं को सक्रिय जीवन शैली अपनाने, खान-पान सुधारने, पर्याप्त नींद लेने और नियमित हेल्थ चेकअप कराने का कड़ा संदेश दिया।
दिल को चाहिए सही ईंधन और समय पर सर्विसिंग: डॉ. अमरेश कुमार
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमरेश कुमार ने शरीर की तुलना मोटरसाइकिल और दिल की तुलना उसके इंजन से करते हुए बेहद सरल शब्दों में स्वास्थ्य का मंत्र दिया। उन्होंने कहा, “स्वस्थ शरीर के लिए सूरज को फॉलो करें। उसके उगने के साथ जगें और उसके छिपने के साथ सोएं।”
डॉ. अमरेश ने आज की जीवनशैली की मुख्य कमियों को रेखांकित करते हुए बताया कि ज्यादातर बीमारियों की वजह हमारा खराब खान-पान है। उन्होंने भोजन में रिफाइंड तेल और एक ही तेल को बार-बार गर्म करके इस्तेमाल करने पर गहरी चिंता जताई। यह खराब चर्बी खून की नलियों को ब्लॉक करती है, जो हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह है। उन्होंने इसकी जगह सरसों के तेल, दालों और मोटे अनाज को डाइट में शामिल करने पर जोर दिया।

प्रोटीन से होती है शरीर की मरम्मत
डॉ. अमरेश कुमार ने आगे कहा कि प्रोटीन से ही शरीर चलता है और इसी से शरीर की मरम्मत होती है। यह बॉडी में स्टोर नहीं होता, इसलिए रोज़ के भोजन में पर्याप्त प्रोटीन, कैल्शियम और फाइबर होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उन्होंने मोबाइल फोन को स्वास्थ्य की बड़ी समस्या बताया, क्योंकि देर रात तक इसका इस्तेमाल नींद में बाधा डालता है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त नींद के साथ-साथ एक्सरसाइज के जरिए इसे थकाना भी जरूरी है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिए स्वस्थ रहने के ‘गोल्डन टिप्स‘
परिचर्चा के दौरान विभिन्न विभागों के डॉक्टरों ने युवाओं को बीमारियों से बचने के व्यावहारिक उपाय बताए:
फिजिशियन डॉ. अभीक जैन ने ब्लड प्रेशर की गंभीरता पर लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि सिरदर्द को बीपी का सबसे बड़ा लक्षण समझें। उन्होंने नियमित जांच कराने और बिना डॉक्टरी सलाह के बीपी की दवाइयां कभी न छोड़ने की सलाह दी।
मनोवैज्ञानिक डॉ. अजेता ने तनाव प्रबंधन पर बात करते हुए कहा कि नींद शरीर के लिए चार्जर का काम करती है, इसलिए रात में 7-8 घंटे की गहरी नींद बेहद आवश्यक है। स्ट्रेस मैनेजमेंट के लिए रोज़ 1 घंटा फिजिकल एक्सरसाइज करना और अपने करीबी दोस्तों से अपनी भावनाएं साझा करना जरूरी है।
पैथोलॉजिस्ट डॉ. नाबा हसन ने ‘इलाज से बेहतर बचाव’ को मूल मंत्र बताते हुए कहा कि जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों के लक्षण शुरुआत में पता नहीं चलते। ऐसे में नियमित अंतराल पर रूटीन हेल्थ चेकअप कराते रहना जरूरी है ताकि प्रारंभिक अवस्था में ही बीमारी पकड़ में आ सके और इलाज आसान हो।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सचिन ने विभिन्न कसरतों की जानकारी देते हुए बताया कि हर बीमारी के लिए अलग एक्सरसाइज होती है। सही कसरत से सांस, बीपी और शुगर सहित अन्य बीमारियों को भी नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए प्रतिदिन आधा से पौन घंटा फिजिकल एक्सरसाइज करना स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है।



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