राम मंदिर चंदाचोरी की CBI या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच: Sanjay Singh
-
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को कुचलकर चंदा चोर पार्टी ने प्रभु श्रीराम के नाम पर हजारों करोड़ रुपये लूटे
Sanjay Singh: आप के यूपी प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम मंदिर चंदा चोरी और कथित भ्रष्टाचार के मामले में बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह केवल भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, विश्वास और श्रद्धा के साथ किया गया सबसे बड़ा विश्वासघात है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभु श्रीराम के नाम पर देशभर से हजारों करोड़ रुपये का चंदा जुटाकर चंदा चोर पार्टी ने जनता की धार्मिक भावनाओं का शोषण किया और अब योगी सरकार की एसआईटी पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की जांच सीबीआई अथवा सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए। संजय सिंह ने कहा कि अब इस मामले में केवल राजनीतिक दल ही नहीं, बल्कि अयोध्या का समाज भी खुलकर सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या अधिवक्ता संघ ने घोषणा की है कि चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा सहित चंदा चोरी के आरोपों से जुड़े लोगों का कोई अधिवक्ता मुकदमा नहीं लड़ेगा। अधिवक्ता संघ ने तीन दिन के भीतर उन्हें अयोध्या से बाहर करने का अल्टीमेटम दिया है और चेतावनी दी है कि ऐसा नहीं होने पर पूरे अयोध्या में जाम और व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि रामनगरी अब ऐसे लोगों को स्वीकार करने को तैयार नहीं है और उनका सामाजिक बहिष्कार शुरू हो चुका है।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संरक्षण में बनी व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब ट्रस्ट के प्रमुख पदों पर नियुक्तियां प्रधानमंत्री कार्यालय की सहमति से हुईं, तब मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा गठित एसआईटी उस पूरे तंत्र की निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि पूरे मामले में कार्रवाई के बजाय केवल लीपा-पोती और दोषियों को बचाने का प्रयास दिखाई दे रहा है।
जनता को गुमराह किया जा रहा है
उन्होंने कहा कि चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों को बड़ी कार्रवाई बताकर सरकार जनता की आँखों में धूल झोंक रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर गंभीर आरोप हैं, उनमें से गोपाल राव समेत कई अब भी प्रभावशाली भूमिकाओं में बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ इस्तीफे देकर पूरे भ्रष्टाचार पर पर्दा नहीं डाला जा सकता।



Post Comment