UP: परिवहन मंत्री का सख्त निर्देश, बसों में अग्निशमन यंत्र न होने पर नहीं मिलेगी फिटनेस

UP: परिवहन मंत्री का सख्त निर्देश, बसों में अग्निशमन यंत्र न होने पर नहीं मिलेगी फिटनेस

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने प्रदेश में संचालित होने वाली सभी स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कान्ट्रैक्ट कैरिज बसों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। परिवहन मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी यात्री वाहनों में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) की उपलब्धता और उसका चालू हालत में होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हाल ही में लखनऊ में एक चार मंजिला कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लगने की गंभीर घटना का जिक्र करते हुए परिवहन मंत्री ने कहा कि किसी भी आपातकालीन स्थिति में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता जन-जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यात्री वाहनों में रोजाना लाखों लोग सफर करते हैं, इसलिए किसी भी आकस्मिक दुर्घटना के समय शुरुआती स्तर पर आग पर काबू पाना बेहद जरूरी है।

केंद्रीय नियमों का हवाला और स्कूल बसों पर विशेष जोर

केंद्रीय मोटरयान नियमावली (1989): नियम-128 के उपनियम (13) (3) के अनुसार प्रत्येक पर्यटक वाहन में ड्राई पाउडर टाइप अग्निशमन यंत्र इंजन कक्ष के पास लगा होना अनिवार्य है।

स्कूल बसों की विशेष जांच: आगामी 01 जुलाई से सभी शैक्षणिक संस्थान खुलने जा रहे हैं। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन मंत्री ने स्कूल बसों के संचालन हेतु तय सुरक्षा मानकों के तहत अग्निशमन यंत्रों की विशेष जांच करने पर जोर दिया है।

कमियां मिलने पर नहीं मिलेगा ‘फिटनेस प्रमाण-पत्र’

परिवहन मंत्री ने जुलाई माह में पूरे प्रदेश में व्यापक अभियान चलाकर प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। मोटर वाहन निरीक्षक और एटीएस (ATS) सेन्टर द्वारा फिटनेस जाँच के समय अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता, क्षमता, उसकी वैधता (Validity) और कार्यशीलता का विशेष परीक्षण किया जाएगा।

यदि किसी वाहन में अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं पाया गया, वह चालू हालत में नहीं हुआ या उसकी रिफिलिंग की वैधता समाप्त हो चुकी होगी, तो कमियों के पूरा होने तक उस वाहन का फिटनेस प्रमाण-पत्र (Fitness Certificate) निर्गत नहीं किया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई होगी।

टोल प्लाजा और जनपद सीमाओं पर होगी सघन चेकिंग

परिवहन मंत्री के निर्देशानुसार सभी प्रवर्तन अधिकारी बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा और जनपद सीमाओं पर सघन जांच अभियान चलाएंगे। इनकी जांच के दौरान आपातकालीन निकास (Emergency Exit), हैमर (शीशा तोड़ने वाला हथौड़ा), विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों को भी परखा जाएगा।

सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे वाहन स्वामियों, बस संचालकों, यूनियन पदाधिकारियों और स्कूल प्रबंधनों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।

परिवहन आयुक्त ने जारी किए आदेश, प्रतिदिन देनी होगी रिपोर्ट

परिवहन मंत्री के इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी विभागीय अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित अधिकारी इस अभियान के तहत की गई प्रतिदिन की कार्रवाई का विवरण अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन), उत्तर प्रदेश को उनकी आधिकारिक ईमेल आईडी atce-up@nic.in पर अनिवार्य रूप से भेजेंगे।

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