यूपी में अब 24 जून तक पहुंचेगा मानसून, महाराजगंज में आज होगी जोरदार बारिश
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रविवार तड़के महाराजगंज में मूसलाधार बारिश हुई। तेज हवा के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बारिश होती रही। बादल गरजने के साथ बिजली भी कड़की। खेतों में लबालब पानी भर गया। इसके अलावा, बाकी सभी जिलों में मौसम साफ है। तेज धूप निकली है। हवा की रफ्तार कम होने से उमस महसूस हो रही है।
मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म हो गया है। ऐसे में बारिश के कोई आसार नहीं हैं। हालांकि, एक-दो जगह स्थानीय मौसमी सिस्टम की वजह से बारिश हो सकती है। ऐसे में 24 घंटे में पारा 5°C उछलकर 47°C तक पहुंच सकता है। 9 जून से 3 दिन हीटवेव (लू) चलेगी। 11 जून के बाद प्री-मानसून बारिश का सिलसिला शुरू होगा।
24 जून तक मानसून प्रवेश की संभावना
IMD के मुताबिक, इस बार यूपी में मानसून 4 से 6 दिन लेट पहुंच सकता है। इसके 24 जून तक प्रदेश में प्रवेश करने की संभावना है। आने के बाद 10 दिनों में मानसून पूरे यूपी पर छा जाएगा। मानसून आमतौर पर 18-20 जून के बीच यूपी पहुंचता है।
वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यूपी में आंधी-तूफान और बारिश के सारे सिस्टम खत्म हो गए हैं। फिलहाल मौसम के शुष्क रहने की संभावना है। प्री- मानसून बारिश तक भीषण गर्मी पड़ेगी। लू के हालात बनेंगे। मानसून 24 जून तक गोरखपुर के रास्ते प्रदेश में एंट्री कर सकता है। आसार ऐसे हैं कि 20 से 25 दिन में मानसून कमजोर भी पड़ जाएगा।
अगले 5 दिन का मौसम
- 8 जून: पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। तेज धूप निकलेगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है।
- 9 जून: पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। तेज धूप निकलेगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। लू का दौर शुरू होगा।
- 10 जून: पश्चिमी यूपी में मौसम साफ रहेगा। पूर्वी यूपी में हल्की बारिश के आसार हैं। लू भी चलेगी।
- 11 जून: पूर्वी और पश्चिमी यूपी हल्की बारिश के आसार हैं। कहीं-कहीं लू की भी संभावना है।
- 12 जून: पूरे प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां शुरू हो सकती है। गर्मी से राहत मिलने के आसार है।
यूपी में मानसून में कम बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं, जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है।



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