कुशीनगर में नेपाली युवाओं से ठगी, 10 गिरफ्तार; गिरोह में नौ नेपाली और एक भारतीय

कुशीनगर में नेपाली युवाओं से ठगी, 10 गिरफ्तार; गिरोह में नौ नेपाली और एक भारतीय

कुशीनगर: नौकरी और उच्च शिक्षा का झांसा देकर नेपाली नागरिकों से ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। कुशीनगर में कसया पुलिस, सर्विलांस सेल, स्वाट टीम और एसटीएफ गोरखपुर की संयुक्त कार्रवाई में 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इस दौरान विभिन्न ठिकानों से 453 नेपाली युवक-युवतियों को मुक्त कराकर नेपाल दूतावास की मदद से उनके देश वापस भेजा गया।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह नेपाल के बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को भारत तथा विदेशों में नौकरी दिलाने, उच्च शिक्षा में प्रवेश कराने और नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए 20 हजार से एक लाख रुपये प्रति माह कमाने का लालच देता था। युवाओं को कुशीनगर बुलाकर किराए के मकानों और कथित प्रशिक्षण केंद्रों में रखा जाता था, जहां उनसे पंजीकरण, प्रशिक्षण और अन्य शुल्कों के नाम पर बड़ी रकम वसूली जाती थी।

नेपाल दूतावास से मिली थी सूचना

नेपाल दूतावास से मिली सूचना के आधार पर, पुलिस ने शुक्रवार रात कसया क्षेत्र के सपहा रोड, भरौली, पुराना फाजिलनगर रोड और देवरिया रोड सहित कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस अभियान के दौरान 453 नेपाली नागरिक विभिन्न ठिकानों पर पाए गए। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, शनिवार को उन्हें आठ बसों से सुरक्षित नेपाल भेजा गया।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा हैं। गिरोह के सदस्य फर्जी आधार कार्ड, बॉन्ड पेपर और अन्य जाली दस्तावेजों का उपयोग कर लोगों का विश्वास जीतते थे। वे कम पढ़े-लिखे और बेरोजगार युवाओं को बेहतर भविष्य और रोजगार का भरोसा देकर उनसे पैसे ऐंठते थे। ठगी से मिली रकम को गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

आरोपियों के पास से मिली ये चीजें

पुलिस ने आरोपियों के पास से नौ फर्जी आधार कार्ड, 60 बॉन्ड पेपर, एक लैपटॉप, 60,320 रुपये भारतीय मुद्रा, 14,290 रुपये नेपाली मुद्रा, जॉर्डन का एक दिनार, कई अंगूठियां और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह से जुड़े लोग फरवरी, 2026 में बिहार के मुजफ्फरपुर से कसया पहुंचे थे। इसके बाद कौशल विकास और प्रोफेशनल ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर अपना नेटवर्क खड़ा कर नेपाली युवाओं को जोड़ना शुरू किया गया। पुलिस अब गिरोह के बैंक खातों, मोबाइल सिम, वित्तीय लेनदेन और नेपाल कनेक्शन की गहन जांच कर रही है।

पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने बताया कि नेपाल दूतावास की सूचना पर चलाए गए अभियान में 453 नेपाली नागरिकों को सुरक्षित उनके देश भेजा गया है। मामले में गिरफ्तार सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है तथा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस ठगी नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

आरोपियों में दो महिलाएं भी शामिल

गिरफ्तार आरोपियों में दीपक थापा, ओम प्रकाश चौलागाई, नीमा शेरपा, गणेश खत्री, सौजन्य संतन, ज्ञानेन्द्र यादव, विशाल तामंग, सर्वेश प्रताप राव समेत दो महिला आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

Post Comment

You May Have Missed