Gorakhpur: बोले सीएम योगी- वर्तमान पीढ़ी को अतीत व बदलाव से अवगत कराएं प्रबुद्धजन
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प्रबुद्ध संवाद कार्यक्रम में बोले सीएम– युवाओं को बताएं 9-10 साल पहले क्या थे प्रदेश के हालात
Gorakhpur: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाज के प्रबुद्धजन का आह्वान किया कि वे वर्तमान पीढ़ी को देश-प्रदेश के अतीत और आज दिख रहे बदलाव से अवगत कराएं। नौजवानों को बताना होगा कि नौ-दस साल पहले प्रदेश में क्या हालात थे और आज क्या परिवर्तन आया है। प्रदेश को अव्यवस्था, अराजकता, दंगे-कर्फ्यू में झोंकने वालों के हाथों नौजवानों को गुमराह होने से बचाने के लिए ऐसा करना बहुत आवश्यक है। जागरूकता की यह जिम्मेदारी उठाने के लिए प्रबुद्धजन को आगे आना होगा। सीएम योगी शुक्रवार को राप्तीनगर में आयोजित ‘प्रबुद्ध संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
महानगर भाजपा के राप्तीनगर मंडल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्रों पर पुष्पांजलि अर्पित करने तथा वंदे मातरम के सामूहिक गायन के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हम आज के युवा को पहले की स्थितियों से अवगत नहीं कराएंगे तो वह नहीं जान पाएगा कि तुष्टिकरण का खामियाजा क्या होता है। यह प्रदेश 9-10 वर्ष पहले गुंडागर्दी, अराजकता, अव्यवस्था, कर्फ्यू, क्षेत्रीय दलों द्वारा शोषण का खामियाजा भुगत चुका है। युवाओं को आगाह कर उनके सामने ऐसी स्थिति पैदा नहीं होने देनी है। क्षणिक स्वार्थवश नागरिकों के भविष्य से खिलवाड़ देशद्रोह है और यह छूट किसी संगठन या संस्था को नहीं दी जा सकती।

2017 के पहले दंगा–कर्फ्यू, अराजकता, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार ही यूपी की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सबने बदलते भारत, बदलते उत्तर प्रदेश और बदलते गोरखपुर को देखा है। 2017 के पहले जब बच्चा पैदा होता था तो मां-बाप उसे इंसेफेलाइटिस से बचाने को लेकर चिंतित रहते थे। बच्चे के बड़ा होने पर पढ़ाई, नौजवान होने पर नौकरी या रोजगार की चिंता थी। रोजगार के लिए यूपी से बाहर जाने पर पहचान का संकट था। विकास बाधित था। बिजली, सड़क और रोजगार नहीं था। अन्नदाता किसानों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। व्यापारी गुंडा टैक्स देने को मजबूर था, चिकित्सक भयाक्रांत रहते थे, बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। दंगा-कर्फ्यू, अराजकता, अव्यवस्था और भ्रष्टाचार ही उत्तर प्रदेश की पहचान बन गए थे।
आज यूपी में विकास, सुरक्षा और रोजगार की गारंटी
सीएम योगी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में विकास, सुरक्षा और रोजगार की गारंटी है। बेटी, व्यापारी सभी सुरक्षित हैं। इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। गोरखपुर का बंद पड़ा खाद कारखाना फिर चल रहा है। गोरखपुर में एम्स संचालित है और कभी खुद बीमार रहा बीआरडी मेडिकल कॉलेज आज बेहतरीन सुविधाएं दे रहा है। हर तरफ फोरलेन की कनेक्टिविटी है। पिछले नौ वर्ष में अकेले गोरखपुर में 15 हजार करोड रुपये के प्रोजेक्ट आए हैं और इतने ही लगने वाले हैं। इन परियोजनाओं से पूर्वी उत्तर प्रदेश के 50 हजार नौजवानों को अकेले गोरखपुर में नौकरी और रोजगार मिला है।
पीएम मोदी के नेतृत्व में बदलता भारत दुनिया के लिए प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रबुद्धजन नौजवानों को बताएं कि नरेंद्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने से पहले देश में क्या था और आज क्या बदलाव आया है। बदलता भारत आज दुनिया के लिए प्रेरणा बना है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का सम्मान पूरी दुनिया में बढ़ा है। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान दुनिया में सबसे बेहतरीन प्रबंधन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत का रहा। दुनिया के सबसे विकसित देश अमेरिका में भारत की तुलना में कोरोना से चार गुना मौतें हुईं, जबकि उसकी आबादी भारत की चौथाई है। अमेरिका की तुलना में कम संसाधन के बावजूद हमारा कोरोना प्रबंधन इसलिए बेहतरीन रहा कि हमारे पीएम मोदी खुद फ्रंटफुट पर आकर नेतृत्व कर रहे थे।
वर्तमान चुनौती के लिए पीएम मोदी के आह्वान का अनुसरण करें
सीएम योगी ने कहा कि अच्छे कार्य के बावजूद कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते हर तरफ ईंधन की आपूर्ति बाधित है। अमेरिका जैसे देश में डीजल, पेट्रोल व रसोई गैस के दाम चार गुना बढ़े हैं। यूरोप के देशों की हालत खराब है। पाकिस्तान जैसे-तैसे गुजर कर रहा है। अरब देश परेशान हैं, अंधकार में रहने के लिए मजबूर हैं। दुनिया में अव्यवस्था का वातावरण है। 12 फरवरी से यह स्थिति बनी हुई है। इसी को ध्यान में रखकर पीएम मोदी ने जनता से ईंधन बचत करने, सोना न खरीदने और विदेश भ्रमण से बचने का आह्वान किया है। मोदी जी के इस आह्वान से प्रेरणा प्राप्त कर ईंधन संरक्षण के लिए सोलर एनर्जी, सार्वजनिक व इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग और कार पूलिंग जैसे उपायों पर अमल करने की जरूरत है। हम सबको वर्तमान चुनौती के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। सम व विषम परिस्थितियों में समभाव के साथ कार्य करने का सामर्थ्य हर भारतीय को विकसित करना पड़ेगा।



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