लखनऊ पुलिस लाइंस के सिपाही ने फिर बनाया वीडियो, बोला- भगत सिंह को मानने वाला शेर हूं

लखनऊ पुलिस लाइंस के सिपाही ने फिर बनाया वीडियो, बोला- भगत सिंह को मानने वाला शेर हूं

लखनऊ: लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की रिजर्व पुलिस लाइंस में तैनात कॉन्स्टेबल सुनील शुक्ला ने लगातार तीसरा वीडियो जारी कर विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 07 मई और 08 मई के बाद अब 10 मई को जारी वीडियो में सिपाही ने खुद को प्रताड़ित किए जाने की बात कही है। कहा है कि रात के 1 बजे काले अंग्रेजों ने मेरे घर 6-7 सिपाही भेजे।

इस तीसरे वीडियो में सुनील कह रहे हैं- मुख्यमंत्री जी, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं? क्या मैं किसी हत्या या अपराध का आरोपी हूं? फिर मेरे घर पर रात 1 बजे पुलिस क्यों भेजी गई?

मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया

वीडियो में सिपाही ने कहा कि उन्हें डराकर या दबाव बनाकर चुप नहीं कराया जा सकता। मैं बता देना चाहता हूं कि मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया है। मुझे इस तरह तोड़ा नहीं जा सकेगा। अगर मुझे शांत करना है तो मेरी हत्या करानी पड़ेगी।

उन्होंने खुद को भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताया। कहा- मुझे शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है, लेकिन मानसिक रूप से नहीं तोड़ा जा सकता। मेरी आवाज को बंद नहीं कराया जा सकेगा। मेरे साथ अब ज्यादती हो रही है।

विभाग में भ्रष्टाचार खत्म करना होगा

सिपाही सुनील ने कहा कि मुझे चुप कराने के 2 ही तरीके हैं। पहला तरीका- मेरी हत्या करानी पड़ेगी। यह इन काले अंग्रेजों का प्लान भी है। दूसरा तरीका- विभाग के अंदर मेरे पुलिस परिवार में चल रहे भ्रष्टाचार, शोषण, अनियमितता को समाप्त करना होगा।

होमगार्ड विभाग की तरह पुलिस विभाग में भी भ्रष्टाचार के खिलाफ कमेटी बनाकर मेरी आवाज को बंद किया जा सकेगा। इसके अलावा मेरी आवाज को नहीं बंद किया जा सकता। मुझे काले अंग्रेजों से कोई दुश्मनी नहीं है। मुख्यमंत्रीजी, आपसे न्याय की उम्मीद है।

लखनऊ पुलिस की सफाई– आरोप झूठे हैं

लखनऊ पुलिस ने सिपाही के नए वीडियो पर सोशल मीडिया पर सफाई दी है। इसमें बताया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित दबिश या परिजनों से दुर्व्यवहार संबंधी आरोप असत्य और निराधार हैं, जिनका स्पष्ट रूप से खंडन किया जाता है। आरक्षी सुनील शुक्ला द्वारा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर पुलिस के ऊपर कई तरह के आरोप लगाए गए हैं।

लखनऊ पुलिस लाइंस के सिपाही ने फिर बनाया वीडियो, बोला- भगत सिंह को मानने वाला शेर हूं

वस्तुस्थिति यह है कि आरक्षी द्वारा सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए वीडियो के संबंध में प्रचलित जांच के क्रम में उन्हें जांच समिति के समक्ष बयान एवं पक्ष प्रस्तुत करने हेतु ईमेल और वॉट्सएप के माध्यम से नोटिस दिया गया। इसी क्रम में पुलिस टीम नोटिस सर्व करने हेतु नियमानुसार उनके आवास पर गई थी। आरक्षी को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से पूर्ण अवसर प्रदान किया जा रहा है कि वह जांच समिति के सामने आकर अपना पक्ष प्रस्तुत करे।

वसूली का आरोप लगाया था

कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि रिजर्व पुलिस लाइन में ड्यूटी लगाने के नाम पर पुलिसकर्मियों से हर महीने अवैध वसूली की जाती है। वीडियो में दावा किया गया कि गार्ड कमांडर के माध्यम से सिपाहियों और दीवानों से करीब दो हजार रुपए प्रति माह लिए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह रकम नीचे से ऊपर तक अधिकारियों तक पहुंचती है और कई अधिकारी इस पूरी व्यवस्था में शामिल हैं।

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