अलीगढ़ में मजदूर की मिट्टी के टीले में दबकर मौत, भाई बोला- जेई ने लात मारकर धकेला; जांच कमेटी गठित
अलीगढ़: जिले में 14 फीट गहरे गड्ढे में पानी की पाइपलाइन सही करने उतरे मजदूर की मिट्टी के टीले में दबकर मौत हो गई। जेसीबी से मिट्टी हटाकर साथियों ने उसे बाहर निकाला। अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। इसमें मिट्टी का टीला गिरता दिख रहा है।
मजदूर के बड़े भाई ने बताया कि मिट्टी धसक रही थी। मेरे भाई ने गड्ढे में जाने से मना किया था। लेकिन, जेई ने गाली-गलौज कर और लात मारकर उसे जबरन गड्ढे में धकेल दिया। हादसे के बाद जेई मौके से भाग निकला।
कार्रवाई के आश्वासन पर शांत हुए परिवार के लोग
इसके बाद मजदूर के घरवालों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने पुलिस से शव खींच लिया। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। पुलिस ने कार्रवाई का अश्वासन दिया, तब लोग शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटना शनिवार दोपहर 2 बजे की रेलवे रोड की है।
पानी की पाइप लाइन सही करने उतरा था
अलीगढ़ के जवां में रहने वाला महेंद्र (32) मजदूर था। वह अलीगढ़ में किराए के कमरे में परिवार के साथ रहता था। महेंद्र के परिवार में पत्नी और 2 बच्चे हैं। एक 16 साल का बेटा और 11 साल की बेटी है। रेलवे रोड पर सीवर लाइन डाली गई थी। इस दौरान पानी की पाइपलाइन फट गई थी। जलकल विभाग ने पाइपलाइन ठीक करने के लिए करीब 14 फीट गड्ढा खोदा था।
शनिवार को पाइपलाइन ठीक की जा रही थी। महेंद्र के भाई राजकुमार ने बताया कि गड्ढा करीब 14 फीट गहरा था। उसकी मिट्टी ऊपर से दरक रही थी। मैंने जेई नरेंद्र सिंह के हाथ जोड़े। उनसे कहा कि अभी मिट्टी गिर रही है। अभी काम बंद कर दो, हमारी जान को खतरा है। लेकिन, जेई नरेंद्र सिंह नहीं माना। उसने कहा कि कामचोरी मत करो। इसके बाद मेरे भाई महेंद्र को लात मारकर जबरदस्ती गड्ढे के अंदर गिरा दिया।
मिट्टी के टीले के नीचे दबा भाई
महेंद्र ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे मैं, मेरा भाई और एक अन्य मजदूर पाइपलाइन ठीक करने के लिए गड्ढे में उतरे। तभी मिट्टी का बड़ा हिस्सा उसके ऊपर गिर गया। वह इसके नीचे दब गया। मौके पर मौजूद जेसीबी से मिट्टी हटाई गई। मैं और अन्य साथी भाई को लेकर जिला अस्तपाल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद घरवालों ने हंगामा कर दिया। शव पोस्टमॉर्टम के लिए लेकर जा रही पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। लोगों ने पुलिस से शव छीन लिया। सूचना पर थाना बन्नादेवी पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंच गई। घरवालों ने कहा कि जब तक जेई पर कार्रवाई नहीं होगी, शव नहीं ले जाने देंगे। एसपी सिटी आदित्य बंसल ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब जाकर लोग शांत हुए।
हादसे की जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनी
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि काम ठेकेदार की देख-रेख में चल रहा था। सभी वर्कर सेफ्टी जैकेट और हेलमेट पहने थे। ठेकेदार को पीड़ित परिवार की मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सरकारी स्तर पर भी पांच लाख की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
वहीं, तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो तीन दिन के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट देगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। वहीं, घटना का सीएम योगी ने भी संज्ञान लिया है। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।



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