UP News: लोकसभा की सीटें 543 से बढ़ाकर 850 करने और इसके जरिए महिला आरक्षण को 33 फीसदी करने के लिए लाया गया संविधान संशोधन (131वां) विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी, लेकिन विधेयक के पक्ष में सिर्फ 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। सरकार ने विपक्ष से सहयोग की अपील की लेकिन नतीजा बेअसर रहा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इसपर प्रतिक्रिया दी है।
मोदी–शाह को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए: अजय राय
अजय राय ने कहा कि मोदी-शाह ने देश की आधी आबादी को ढाल बनाकर डेलिमेशन करने की कोशिश की और इस देश के लोकतंत्र, संविधान और संघीय ढांचे को चोट पहुंचाने का कुत्सित प्रयास किया। उनकी ये चालबाज़ी एकजुट विपक्ष ने भांप ली और संविधान संशोधन बिल गिर गया। अजय राय ने कहा की मोदी-शाह अपनी राजनीति को चमकाने के लिए भारत के लोकतंत्र को तबाह करने चले थे, उनकी ये साज़िश अब औंधे मुँह गिर गई है। मोदी सरकार को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए कि जो महिला आरक्षण बिल तीन साल पहले सर्वसम्मति से पास हो गया था, उसे विवादित बना दिया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मोदी सरकार से की ये मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, देश को पता चला कि तीन साल पहले महिला आरक्षण को पास करने बाद कल रात तक मोदी सरकार ने उसे क़ानून के रूप में नोटिफाई नहीं किया था, जबकि इस बीच लोकसभा के चुनाव भी हो चुके हैं। इसलिए अब ये बात पूरे विश्वास के साथ कही जा सकती है कि अगर BJP को 400 सीटें आ जातीं, तो उन्होंने महिला आरक्षण को कूड़े की टोकरी में फेंक देना था। शायद इसीलिए बिल संसद द्वारा पास होने के बावजूद उसे कानून के रूप में नोटिफाई नहीं किया गया और देशवासियों की आँखों में धूल झोंकी गई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा की हम मोदी सरकार से मांग करते हैं कि 2023 में पारित “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” के अनुसार महिलाओं को 33% आरक्षण 2029 के चुनावों से ही दिया जाए। कांग्रेस पार्टी सितंबर 2023 से इसकी मांग कर रही है। यह ‘नारी शक्ति’ के प्रति प्रधानमं की प्रतिबद्धता की असली परीक्षा होगी।