नई दिल्ली: लोकसभा में शुक्रवार (17 अप्रैल) को महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल बहुमत नहीं मिलने के कारण पास नहीं हो पाया। संसद के बाहर बीजेपी की महिला सांसदों ने कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की और पोस्टर लहराए। वहीं, राहुल गांधी ने बिल पर चर्चा के दौरान दादी, बगीचे और जादूगर के किस्से सुनाए। आइए पढ़ते हैं लोकसभा के टॉप मोमेंट्स के बारे में:-
बिल गिरते ही भाजपा महिला सांसदों का प्रदर्शन
लोकसभा से बिल गिरने के बाद NDA की महिला सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने बैनर-तख्तियां लेकर ‘महिला विरोधी हाय-हाय’ और ‘इंडी अलायंस हाय-हाय’ के नारे लगाए। पोस्टर में लिखा था- नारी शक्ति का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।
राहुल बोले– मेरी और PM की पत्नी नहीं
राहुल गांधी ने स्पीच में कहा कि यहां बैठए सभी लोग जानते हैं कि महिलाओं के मुद्दे क्या हैं। घर में मां, बहनें और पत्नियां हैं। हम इनसे बहुत कुछ सीखते हैं। हालांकि, मेरी और प्रधानमंत्री जी की पत्नी नहीं है। इसके बाद सदन में सदस्य हंसने लगे।
नड्डा ने खड़गे की सीढ़ियां उतरने में मदद की
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की मदद की। दरअसल जब खड़गे राज्यसभा के अंदर सीढ़ियों से उतर रहे थे, तब नड्डा ने उनका हाथ पकड़कर उनकी सीढ़ियां उतरने में मदद की।
रवि किशन बोले– मैं अपनी पत्नी के पैर छूता हूं
भाजपा सांसद रवि किशन बोल रहे थे, तभी पीठासीन जगदंबिका पाल ने कहा कि आपका प्रचार भी आपकी पत्नी करती हैं। इस पर रवि किशन ने कहा- हां मेरे एक डेढ़ लाख वोट मेरी पत्नी लेकर आती हैं और मैं उनके पैर छूता हूं। वो छूने नहीं देती लेकिन जब वो गहरी नींद में होती है तब मैं उनके पैर छूता हूं। सबको पैर छूना चाहिए और जो महिला विरोधी हैं उनको भी छूना चाहिए।
TMC सांसद बोलीं- चोली के पीछे क्या है चुनरी के नीचे क्या है
टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि सरकार देश को बताना चाहती है कि विपक्ष महिलाओं के विरोध में है, जो सच नहीं है। उन्होंने कहा कि हमने आरक्षण बिल 2023 में स्वीकार किया था। उन्होंने कहा- ‘चोली के पीछे क्या है चुनरी के नीचे क्या है’ यानी आरक्षण बिल के पीछे परिसीमन क्या है और इसे क्यों जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि 56 इंच के सीने की बात करने वालों को औरत के पीछे छिपना पड़ रहा है।
NDA सांसद शाह के साथ-साथ ‘विरोध किया’ बोले
अमित शाह ने लोकसभा में कई मुद्दे गिनवाए और कहा कि कांग्रेस ने इनका विरोध किया। सत्ता पक्ष के सदस्य भी ‘विरोध किया, विरोध किया’ बोल रहे थे। शाह ने कहा कि विपक्ष ने सिर्फ महिला आरक्षण का ही नहीं, कई मुद्दों का विरोध किया। हमने 370 समाप्त की, राम मंदिर बनाया, सीएए लाए, ट्रिपल तलाक समाप्त किया, जीएसटी लाए, आयुष्मान भारत बनाया, नया संसद बनाया, मत्स्य पालन मंत्रालय बनाया, सीडीएस बनाया, नक्सलवाद खत्म किया, आतंकवाद को सकते में डाला, सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक, ऑपरेशन सिंदूर का विरोध किया। उन्होंने कहा कि इन्होंने बिना सोचे नरेंद्र मोदी के हर काम का विरोध किया।
राहुल ने जादूगर और गार्डन का किस्सा सुनाया
कांग्रेस सांसद ने स्पीच के दौरान अपने डर, दादी से जुड़े बगीचे और जादूगर का किस्सा सुनाया। उन्होंने जादूगर की कहानी में जगलिंग और बॉक्स में ताला लगाने की एक्टिंग की। जब ओम बिरला ने टोका तो राहुल बोले सर सुनाने दीजिए। मजा आएगा। मैं आर्टिस्ट हूं। चित्र बनाता हूं।
स्पीकर बिरला बोले– राहुल जी जादू की जगह बिल पर बोल लीजिए
राहुल जब जादूगर से जुड़ा किस्सा सुना रहे थे तो सभी हंस रहे थे। स्पीकर बिरला ने भी हंसते हुए कहा कि राहुल जी जादू पर बोलने से अच्छा है, बिल पर बोल लीजिए। इसके बाद हंगामा हो गया, और राहुल बैठ गए। स्पीकर ने कहा- आप जो चौराहे पर बोलते हैं वो ही संसद में बोलो, ऐसा नहीं होता। संसद की अपनी गरिमा होती है।
अनुराग ठाकुर बोले– राहुल भाषण देकर भाग जाते हैं
अनुराग ठाकुर ने कहा कि सदन का नियम कहता है कि जिस व्यक्ति ने भाषण समाप्त किया हो उसे सदन में रुकना होता है लेकिन राहुल गांधी हमेशा भाषण देकर भाग जाते हैं। सुनने के लिए कभी तैयार नहीं होते। ये असत्य बोलकर यहां से भाग खड़े होते हैं।
निशिकांत बोले– सोनिया, सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस अध्यक्ष बनीं
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि पिछले दो दिन से सरकार महिलाओं को आरक्षण देने के लिए चिंतित है और देर रात तक सदन चला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं का भाषण शो जैसा था, माइकल जैक्सन जैसा। उन्होंने कहा कि 17 अप्रैल, 1987 को राजीव गांधी पर बोफोर्स का आरोप लगा और 17 अप्रैल 1998 को सोनिया गांधी सीताराम केसरी की धोती खोलकर कांग्रेस की अध्यक्ष हो गईं।
केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल व्हीलचेयर पर संसद पहुंचे
नागरिक उड्डयन और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल पैर में चोट के कारण महिला आरक्षण से जुड़े तीन संशोधन बिलों पर वोट डालने के लिए व्हीलचेयर पर संसद पहुंचे।