बरेली: ईद पर मुसलमानों से काली पट्टी बांधकर ईरान के समर्थन में प्रदर्शन करने की समाजवादी पार्टी के नेता आजम खां की अपील पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने तीखा रिएक्शन दिया है। उन्होंने कहा कि ईद खुशी का दिन है, गम मनाने का नहीं। रमजान का पूरा महीना इबादत में गुजरता है और उसके बाद मुबारकबाद देने का दिन आता है। किसी के कहने पर इसे गम में तब्दील करना समझदारी नहीं, बल्कि बेवकूफी भरा फैसला है।
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने आजम खां पर निशाना साधते हुए कहा कि मैं देश के तमाम मुसलमानों से अपील करता हूं कि वे किसी राजनीतिक व्यक्ति के बहकावे में न आएं। ईरान की कामयाबी के लिए सिर्फ दुआ करें। इबादत के इस मुकद्दस दिन को सुरक्षित रखें और ऐसा कोई काम न करें, जिससे ईद की बदनामी हो या टकराव की स्थिति पैदा हो।
विवाद और टकराव से बचने की सलाह
मौलाना ने बताया कि मुरादाबाद के सपा नेता यूसुफ मलिक ने जेल में आजम खां से मुलाकात की थी। वहां आजम खां ने पैगाम दिया था कि ईरान-अमेरिका तनाव के मद्देनजर मुसलमान काले कपड़े पहनें और नमाज के बाद प्रदर्शन करें। मौलाना ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि हरगिज ऐसा न करें जिससे कोई विवाद उत्पन्न हो। ईद के दिन अमन-चैन बनाए रखना बेहद जरूरी है।
ईद की नमाज के प्रबंधन पर मौलाना ने कहा कि शहरों के मोहल्लों में मस्जिदें छोटी होती हैं, जिससे नमाजियों की भीड़ सड़कों और गलियों तक आ जाती है। ऐसी स्थिति में शरीयत ने व्यवस्था दी है कि इमाम बदलकर एक से ज्यादा बार (दो, तीन या चार बार) जमात की जा सकती है। मस्जिद के इमामों को चाहिए कि भीड़ अधिक होने पर दूसरी जमात का ऐलान करें ताकि आसानी से नमाज संपन्न हो सके और सड़क जाम जैसे विवादों से बचा जा सके।
सरकारी गाइडलाइन का पालन करने की अपील
अंत में मौलाना ने देशवासियों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि नमाज का बेहतर इंतजाम करें। देश के मौजूदा राजनीतिक हालात को देखते हुए किसी भी तरह के टकराव से बचें। साथ ही, हुकूमत द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पूरी तरह पालन करें ताकि त्योहार का आनंद और पवित्रता बनी रहे।