PM Modi: राज्यसभा से आज कई सदस्य रिटायर हो रहे हैं। खाली होने वाली इन सीटों पर कई सदस्य निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सभी सदस्यों के संसदीय जीवन और कार्यकाल को रेखांकित किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रिटायर हो रहे सभी सदस्यों की भूमिका को लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने वाला बताते हुए उनकी प्रशंसा की। साथ ही विदाई सत्र में पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा कि सदन एक ओपन यूनिवर्सिटी जैसी है। नए सांसदों को हमेशा सीखना चाहिए। पीएम मोदी ने कहा कि सदन के अंदर अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं, हर किसी का महत्वपूर्ण योगदान होता है, कुछ खट्टे मीठे अनुभव भी रहते हैं। लेकिन, जब ऐसा अवसर आता है, तो स्वाभाविक रूप से पार्टी की भावना से ऊपर उठकर हम सबके भीतर एक जैसा भाव प्रकट होता है कि हमारे ये साथी अब किसी और विशेष काम के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/TV2X34E4D1
— Narendra Modi (@narendramodi) March 18, 2026
अनुभव और समझ हमेशा कीमती होती है
पीएम मोदी ने कहा कि राज्यसभा एक ऐसी संस्था है, जहां अनुभव और समझ हमेशा कीमती होती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में फुल स्टॉप नहीं होता, यानी सार्वजनिक सेवा का सफर केवल पदों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हमेशा जारी रहता है। उन्होंने रिटायर सदस्यों के अनुभव और कार्यों से अनुभव लेने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि नए और युवा सांसदों को इन वरिष्ठ नेताओं से प्रेरणा और मार्गदर्शन लेना चाहिए। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण के दौरान कहा कि रिटायरमेंट का मौका भावुक पल होता है। पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि इनकी आधी आयु संसदीय प्रणाली में गई। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि रिटायर हो रहे सांसदों का योगदान लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने कहा कि सदन और देश के लिए उनका अनुभव हमेशा उपयोगी रहेगा।