लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम विभाग ने 19 मार्च से चार दिनों तक बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई जिलों में तेज आंधी के साथ बिजली गिरने की भी आशंका जताई है। वहीं, बीते 48 घंटों में जगह-जगह हुई बारिश के कारण तापमान लगभग 3°C तक लुढ़क गया है। इससे रात और सुबह के वक्त ठंड का एहसास हो रहा है।
बीते 24 घंटे की बात करें तो पश्चिमी यूपी में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हुई। शामली में एक-दो जगहों पर ओले भी गिरे। पूर्वी यूपी में भी कहीं-कहीं बौछारें पड़ीं। कहीं-कहीं आंधी भी चली। इस वजह से तापतान में गिरावट देखी गई। पारा 40°C से नीचे आ गया। सबसे ज्यादा तापमान सुल्तानपुर में रिकॉर्ड किया गया। यहां अधिकतम तापमान 37.4°C दर्ज किया गया। इसके अलावा बांदा में पारा 37.4°C, हमीरपुर में 36.2°C, उरई में 36°C और झांसी में 36°C रिकॉर्ड किया गया।
मौसम बदलने की वजह
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने मौसम में हुए बदलाव की वजह बताई। उन्होंने कहा कि 15 और 16 मार्च को पूरे प्रदेश में हल्की बारिश हुई। आज और कल मौसम साफ रहेगा। 19 मार्च से प्रदेश में एक और विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इस वजह से बारिश-आंधी का दौर फिर से शुरू होगा। 40-50 किमी की स्पीड से हवा चलेगी। ओले भी गिर सकते हैं।
बारिश का असर खत्म होते ही प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि 18 मार्च तक प्रदेश में कोई भी मौसमी सिस्टम एक्टिव नहीं रहेगा। इस वजह से मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इस वजह से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है।
19 मार्च को बारिश की संभावना
IMD के मुताबिक, 19 मार्च से एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से बारिश की शुरुआत होने की संभावना है। इसके बाद बारिश का दौर धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैल जाएगा। 22 मार्च तक कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं।
खड़ी फसलों पर होगा असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बारिश का सीधा असर तापमान पर भी पड़ेगा। अधिकतम तापमान में लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की तेजी से गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे पहुंच सकता है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि आगामी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी?
प्रदेश के बांदा में दो दिन पहले पारा 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ साल में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसलिए तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है।