इस्लामाबाद: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान शिया मस्जिद (इमामबाड़ा) में आत्मघाती हमला हुआ। पाकिस्तानी अखबार द डॉन के मुताबिक, हमले में 31 लोगों की मौत हो गई है और 169 घायल हुए हैं। इससे पहले पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स में 69 मौतों की जानकारी आई थी। पुलिस और रेस्क्यू टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और राहत का काम शुरू कर दिया है। अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया और घायलों को वहां पहुंचाया जा रहा है।
इस्लामाबाद के पुलिस चीफ ने पूरे शहर में इमरजेंसी घोषित कर दी है। अधिकारियों को आशंका है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। अधिकारियों को आशंका है कि हताहतों की संख्या बढ़ सकती है।
Dawn reports, "Multiple casualties were feared on Friday after an explosion was reported in an imambargah in the federal capital. The explosion occurred at the Tarlai Imambargah, situated in the Shehzad Town area of the federal capital. Police and Rescue 1122 personnel reached… pic.twitter.com/kPRJgcP7qT
— ANI (@ANI) February 6, 2026
राष्ट्रपति बोले- ये हमला इंसानियत के खिलाफ
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने धमाके में मारे गए लोगों के लिए शोक जताया है। उन्होंने कहा कि बेगुनाह लोगों को निशाना बनाना इंसानियत के खिलाफ है। जरदारी ने घायलों के जल्द ठीक होने की दुआ की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि घायलों को हर संभव बेहतर इलाज की सुविधा दी जाए।
मंत्री ने कहा- ऐसी घटनाएं देश का हौसला नहीं तोड़ सकती
पार्लियामेंट्री अफेयर्स के मंत्री डॉ. तारिक फजल चौधरी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्लामाबाद में हुए धमाके की मैं कड़ी निंदा करता हूं। इस हमले में मारे गए लोगों के लिए दुखी हूं। ऐसी आतंकी घटनाएं देश और लोगों का हौसला नहीं तोड़ सकती। जरूरत है कि हम सब मिलकर शांति के लिए एकजुट हों और कानून व्यवस्था संभालने वाली एजेंसियों के साथ मजबूती से खड़े रहें।
तीन महीने पहले आत्मघाती धमाके में 12 लोग मारे गए थे
इससे पहले भी 11 नवंबर 2025 को इस्लामाबाद के G-11 इलाके में जिला और सत्र न्यायालय के बाहर आत्मघाती धमाका हुआ था। उस धमाके में 12 लोगों की मौत हो गई थी और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।