सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में चढ़ाई खिचड़ी, बोले- मकर संक्रांति भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का पर्व

सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में चढ़ाई खिचड़ी, बोले- मकर संक्रांति भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा का पर्व

गोरखपुर: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने मकर संक्रांति के अवसर पर गुरुवार तड़के गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाई। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी ने आज सुबह 3:40 बजे मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश किया। नाथ परंपरा के अनुसार उन्होंने गुरु गोरखनाथ की पूजा-अर्चना की। उन्होंने गले में लटकी सीटी बजाई और दंडवत होकर प्रणाम किया।

इसके बाद मुख्‍यमंत्री योगी ने गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की और साथ ही नेपाल राज परिवार की ओर से लाई गई खिचड़ी भी चढ़ाई गई। पूजा के बाद योगी ने मंदिर परिसर का भ्रमण किया और लोगों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हुआ।

योगी बोले– लाखों श्रद्धालु आस्था की खिचड़ी चढ़ा रहे

सीएम योगी योगी ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे भी सुबह 4 बजे गोरखनाथ मंदिर की विशिष्ट पूजा संपन्न होने के बाद भगवान गोरखनाथ को आस्था की पवित्र खिचड़ी चढ़ाने का अवसर प्राप्त हुआ है। एक तरफ गोरखपुर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु बाबा गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। वहीं, प्रयागराज में लाखों की संख्या में श्रद्धालु, कल्पवासी, पूज्य संतजन प्रयागराज की धरती पर उपस्थित होकर न केवल अपनी साधना में रत हैं, बल्कि भगवान बेनीमाधव, भगवान प्रयागराज और मां गंगा, मां जमुना, मां सरस्वती के सानिध्य में संगम में आस्था की पवित्र डुबकी लगा रहे हैं।

आज नेपाल सहित यूपी और बिहार से लाखों श्रद्धालु गोरखनाथ मंदिर पहुंचे हैं। पूरा मंदिर परिसर ढोल-नगाड़ों से गूंज रहा है। सुबह 8 बजे तक करीब 3 लाख श्रद्धालु खिचड़ी चढ़ा चुके थे। बाहर लंबी कतारें लगी हैं और करीब एक घंटे के इंतजार के बाद दर्शन हो रहे हैं। भीड़ अधिक होने के कारण श्रद्धालु गर्भगृह के बाहर से ही खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं। एक साथ सैकड़ों लोगों की ओर से खिचड़ी (चावल, दाल, तिल आदि) अर्पित करने से मंदिर में मानो अन्न की बारिश हो रही है।

नेपाल से पहुंचे हजारों श्रद्धालु

खिचड़ी चढ़ाने के लिए नेपाल से हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं। इन लोगों का कहना है कि यह उनके देश की वर्षों पुरानी परंपरा है। बाबा गोरखनाथ उनके आराध्य हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर के स्वयंसेवक और पुलिस-प्रशासन के लोग जगह-जगह तैनात हैं।

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