बदायूं: जिले में ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया, जिसमें चार छात्रों के पिता को जेल जाना पड़ गया। आरोप है कि एक स्कूल में तीन छात्राओं की पानी की बोतल में चार छात्रों ने पेशाब कर दिया। पुलिस ने इस मामले में चारों छात्रों के पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। SHO अमरपाल सिंह का कहना है कि आरोपी छात्र नाबालिग हैं। बच्चों को गलत संस्कार देने के लिए मां-बाप जिम्मेदार हैं, इसीलिए शांतिभंग में उनका चालान करके जेल भेजा गया है।
दरअसल, मामला दो समुदायों से जुड़ा है। ऐसे में घटना सामने आने के बाद करणी सेना के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं ने स्कूल में घुसकर हंगामा किया। स्कूल बंद करने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी थी। वहीं, स्कूल के मैनेजेर ने करणी सेना के खिलाफ जबरन स्कूल में घुसकर नाबालिग छात्र को पीटने और तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। पुलिस इस मामले में दोनों एफआईआर की जांच कर रही है। मामला मुख्यालय से 50 किमी दूर उसहैत कस्बे का है।
क्या है पूरा मामला?
उसहैत कस्बे में चमेली देवी हायर सेकेंडरी स्कूल है। यहां 20 नवंबर को कक्षा-7 की 3 छात्राएं इंटरवल में स्कूल की छत पर गई थीं। जब वो नीचे आ रही थीं तो कक्षा-7 और 8 के चार छात्रों ने उनकी क्लासरूम में रखी पानी की बोतल उन्हें सीढ़ियों पर पकड़ा दीं। छात्रों ने कहा कि तुम्हारी बोतल क्लास में रह गई थी, लो पानी पी लो।
हालांकि, छात्राओं ने पानी नहीं पिया और छुट्टी होने पर घर आ गईं। जब घर आकर बोतल रूटीन में खाली की, तो उसमें से बदबू आने लगी। इस पर छात्राओं ने अपने घरवालों को पूरी बात बताई। इसके बाद तीनों छात्राओं के घरवाले स्कूल पहुंच गए और स्कूल के स्टाफ से शिकायत की। अगले दिन यानी 21 नवंबर को भी जब छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो 22 नवंबर घरवालों ने इसकी शिकायत हिंदू संगठनों से की। साथ ही उसहैत कोतवाली में चारों छात्रों के खिलाफ लिखित शिकायत की गई।
करणी सेना ने स्कूल में किया हंगामा
जैसे ही यह पता चला कि चारों छात्र मुस्लिम समुदाय के और पीड़ित छात्राएं हिंदू समुदाय की हैं तो मामले ने तूल पकड़ लिया। 22 नवंबर को छात्राओं के घरवाले और करणी सेना के 100 से ज्यादा कार्यकर्ता स्कूल पहुंच गए। जमकर हंगामा किया। वहीं, छात्रा के घरवालों की शिकायत पर पुलिस ने चारों आरोपी छात्रों के पिता को शांतिभंग में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इनकी पहचान इशरत, मो. अहमद, साबिर अली और शराफत के रूप में हुई है।
हालांकि, छात्रों पर पेशाब करने का केवल आरोप है, पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही। पुलिस का कहना है कि बोतल का पानी फेंका जा चुका है। बच्चियों के बयान को सही मानते हुए कार्रवाई की गई है। पुलिस ने चारों छात्रों के पिता की गिरफ्तारी केवल शांतिभंग के आरोप में की है। क्योंकि, इनके बच्चों की वजह से शांति व्यवस्था भंग हुई।
इसलिए नहीं हुई बच्चों की गिरफ्तारी
चूंकि इस अपराध में 7 साल से कम की सजा है, इसलिए कोर्ट के आदेश के अनुसार, बच्चों को गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया जा सकता। इसलिए सभी के पिता को रविवार शाम को पकड़ा गया। पुलिस का तर्क है कि अगर अपराध 7 साल से अधिक सजा वाला होता (जिसमें जेल भेजने का प्रावधान होता है) तो बच्चों को जुवेनाइल कोर्ट में पेश कर किशोर सुधार गृह भेजा जाता।