बरेली: फतेहगढ़ सेंट्रल जेल में बंद इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा की मंगलवार (28 अक्टूबर) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीजेएम कोर्ट में पेशी हुई। वहीं, उनके करीबियों को कोर्ट में फिजिकली पेश किया गया। अदालत ने मौलाना की न्यायिक हिरासत 11 नवंबर तक बढ़ा दी है।
मौलाना तौकीर रजा पर 26 सितंबर को जुमा की नमाज के बाद बरेली में हुए बवाल भड़काने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ 10 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा मौलाना 2019 में हुए CAA-NRC विरोध प्रदर्शन के केस में भी आरोपी हैं। पुलिस ने सभी मामलों में बी-वारंट जारी करा रखे हैं। मौलाना की पिछली पेशी 14 अक्टूबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई थी।
‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद से भड़का था बवाल
26 सितंबर को ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद बरेली में हिंसा भड़क उठी थी। तौकीर रजा ने ऐलान किया था कि जुमा की नमाज के बाद इस्लामिया ग्राउंड में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। नवरात्र और दो उर्स चलने के कारण प्रशासन ने धारा 163 लागू कर दी थी। प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
इसके बावजूद तौकीर रजा ने वीडियो जारी कर पुलिस प्रशासन और सरकार को चुनौती दी कि अगर लोगों को रोका गया तो अंजाम बुरा होगा। जब पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश की तो पथराव और फायरिंग शुरू हो गई। भीड़ ने पुलिस पर पेट्रोल बम भी फेंके। पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात काबू में किए।
कोतवाली में दर्ज हैं छह मुकदमे
बरेली कोतवाली में तौकीर रजा के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से दो मामलों में शनिवार को पुलिस टीम फतेहगढ़ जेल जाकर उनके बयान दर्ज कर चुकी है। अब बारादरी थाने की टीम भी बयान दर्ज करने जाएगी।