UP की 40 आदिवासी महिलाओं ने पहली बार देखा शहर, DIG ने घुमाया काशी

UP की 40 आदिवासी महिलाओं ने पहली बार देखा शहर, DIG ने घुमाया काशी

वाराणसी: उत्‍तर प्रदेश की 40 आदिवासी महिलाओं ने पहली बार शहर देखा। वाराणसी जोन के डीआईजी वैभव कृष्ण ने उन्हें सोमवार दोपहर करीब ढाई बजे बनारस शहर घुमाया और मंदिरों के दर्शन भी करवाए। महिलाएं वाराणसी से 95 किमी दूर पंडी गांव की रहने वाली हैं। ये गांव चंदौली जिले में है, जो मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर पहाड़ और जंगलों से घिरा है।

डीआईजी ने महिलाओं को गांव से बनारस शहर लाने के लिए बस का इंतजाम किया था। सुबह 9 बजे पुलिस की विशेष बस पंडी गांव पहुंची। बस से 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को बनारस लाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के लिए दो इंस्पेक्टर और चार दरोगा भी साथ रहे।

अब तक शहर नहीं गए थे पंडी गांव के अधिकांश लोग

करीब 80 घरों की आबादी वाले पंडी गांव के अधिकांश लोग अब तक किसी शहर नहीं गए थे। महिलाएं अपने घरों की दहलीज और गांव तक ही सीमित रहीं। गांव में जाने के लिए रास्ता सही नहीं है। जंगल के रास्ते जाना पड़ता है। पुलिस विभाग ने मिशन शक्ति अभियान के तहत आदिवासी ग्रामीणों को बाबा काशी विश्वनाथ, दुर्गाकुंड, संकटमोचन मंदिर के दर्शन कराए गए।

DIG से महिलाओं ने शहर घूमने की इच्छा जताई थी

15 जून को डीआईजी वैभव कृष्ण नौगढ़ क्षेत्र के पंडी गांव पहुंचे थे। गांव की महिलाओं से बातचीत के दौरान उन्होंने जाना कि अधिकांश महिलाओं ने आज तक शहर नहीं देखा है। यह सुनकर वे भौचक्के रह गए। जब डीआईजी ने महिलाओं से पूछा कि अगर किसी शहर को देखने या घूमने का मौका मिले तो वो कहां जाना पसंद करेंगी।

महिलाओं ने बिना किसी झिझक के बनारस शहर और बाबा काशी विश्वनाथ, संकटमोचन मंदिर के दर्शन की इच्छा जताई थी। महिलाओं की बातें सुनकर अधिकारी भावुक हो उठे थे। मौके पर ही डीआईजी ने चंदौली पुलिस को मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत यात्रा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

सबसे पहले काशी विश्वनाथ धाम पहुंचीं महिलाएं

चंदौली के पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया- गांव की दुर्गावती देवी (46), सरस्वती (70), कलावती (42), पुष्प (35), प्रभावती (45) सहित कुल 40 महिलाओं और 10 पुरुषों को वाराणसी लाया गया।

वाराणसी पहुंचने के बाद सभी ने सबसे पहले बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन-पूजन किए। इसके बाद संकटमोचन मंदिर, दुर्गाकुंड मंदिर सहित काशी के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। पहली बार शहर और प्रसिद्ध मंदिरों को देखकर ग्रामीणों में उत्साह और खुशी साफ दिखाई दी।

डीआईजी बोले- मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास

डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा- नौगढ़ क्षेत्र के निरीक्षण के दौरान महिलाओं की इच्छा जानने के बाद इसे मिशन शक्ति अभियान के तहत पूरा करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से ग्रामीणों को काशी दर्शन कराया गया।

विकास से अब भी दूर है पंडी गांव

पंडी गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। पहाड़ों और जंगलों के बीच बसे इस गांव में गर्मियों के दौरान प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाते हैं, जिससे पेयजल का गंभीर संकट पैदा हो जाता है। कई परिवारों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

गांव में मोबाइल नेटवर्क लगभग नहीं के बराबर है, जिसके कारण लोग संचार सुविधाओं से वंचित रहते हैं। अधिकांश ग्रामीण मजदूरी और जंगल से मिलने वाले संसाधनों पर निर्भर हैं। सीमित आय के कारण परिवारों के लिए दो समय का भोजन और आवश्यक जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बना रहता है।

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