बरेली में डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 48 घंटे में किडनैपर्स का एनकाउंटर कर बचाया

बरेली में डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 48 घंटे में किडनैपर्स का एनकाउंटर कर बचाया

बरेली: बरेली जिले में एक डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 24 मई को मनौना धाम मंदिर परिसर में खेलते समय डेढ़ साल का बच्चा अचानक गायब हो गया था। घटना के बाद पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए पांच टीमें गठित की थीं।

26 मई की रात पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी फुलासी गांव के पास हैं और बच्चे को दिल्ली ले जाकर बेचने वाले हैं। सूचना पर पुलिस ने फुलासी तिराहे पर चेकिंग शुरू कर दी। इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक बच्चे को लेकर आते दिखाई दिए।

आरोपियों के पैर में लगी गोली

पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन आरोपी बाइक मोड़कर भागने लगे। भागने के दौरान आरोपियों की बाइक फिसल गई और बच्चा पास की झाड़ियों में जा गिरा। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया।

मुठभेड़ के दौरान एक हेड कांस्टेबल भी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मी और दोनों आरोपियों को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अपहरण के करीब 48 घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया। यह मुठभेड़ फुलासी तिराहे पर हुई।

खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया था

बदायूं के उसैत थाना क्षेत्र के डढ़रिया असगुणा निवासी रमन पुत्र रविंद्र मनौना धाम में कर्मचारी हैं। उन्होंने बताया- 24 मई की सुबह करीब 10:30 बजे मेरे तीन बच्चे मंदिर परिसर के पास खेल रहे थे। खेलते-खेलते तीनों बच्चे सड़क की ओर चले गए। कुछ देर बाद दो बच्चे वापस लौट आए, लेकिन डेढ़ वर्षीय छोटा बच्चा गायब था। इसके बाद मैंने आंवला थाने पहुंचकर अपहरण की शिकायत दर्ज कराई।

बच्चे की तलाश के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें दो लोग एक बच्चे को ले जाते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

बरेली में डेढ़ साल के बच्चे का अपहरण, पुलिस ने 48 घंटे में किडनैपर्स का एनकाउंटर कर बचाया

भागते समय आरोपियों की बाइक फिसलकर गिरी

इसी बीच 26 मई की देर रात पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो लोग एक बच्चे के साथ फुलासी गांव में मौजूद हैं और उसे दिल्ली ले जाकर बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई और फुलासी तिराहे पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान संदिग्ध बाइक पर दो व्यक्ति एक बच्चे के साथ आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन बदमाश बाइक मोड़कर भागने लगे।

पुलिस ने पीछा किया तो हड़बड़ी में उनकी बाइक फिसल गई और बच्चा पास की झाड़ियों में गिर गया। इस दौरान सब इंस्पेक्टर सोमपाल ने तुरंत झाड़ियों से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी फायरिंग में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जिला अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, मुठभेड़ के दौरान हेड कांस्टेबल कौमिश कुमार को भी गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गए। उनका भी इलाज चल रहा है।

आरोपियों का आपराधिक चिट्ठा खंगाल रही पुलिस

पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। पुलिस पूछताछ में बदमाशों ने अपनी पहचान शाहजहांपुर के गढ़िया रंगीन थाना क्षेत्र के धौवेला निवासी योगेश कन्नौजिया (28) और शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र निवासी पवन चंदेल (25) के रूप में बताई है। पुलिस ने उनके पास से दो अवैध तमंचे, दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस और अपहरण में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की बाइक बरामद की है।

एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बताया- 48 घंटे के भीतर अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया गया। साथ ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बदमाशों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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