Varanasi: बौद्ध मंदिर व गेस्ट हाउस निर्माण के लिए उपलब्ध करायी जाएगी दो एकड़ भूमि
Varanasi: वाराणसी में भूटान सरकार को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए दो एकड़ भूमि उपलब्ध करायी जाएगी। इससे संबंधित लीज डीड एग्रीमेंट पर पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह एवं अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात की उपस्थिति में रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान एवं पर्यटन विभाग के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। भूमि हस्तांतरित करने संबंधी आवश्यक कार्यवाहियां पूरी कर ली गयी हैं। यह भूमि वाराणसी के अजइपुर, परगना कोलअसला तह. पिंडरा में स्थित है। यह प्राइम लोकेशन की भूमि है। पर्यटन मंत्री ने रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के प्रतिनिधियों का स्वागत एवं हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि इस समझौते को जमीन पर उतारा जाएगा। भूटान से हमारे ऐतिहासिक और मधुर संबंध है। भारत और भूटान एक-दूसरे के अच्छे पड़ोसी है। इसके अलावा सारनाथ पहले से ही बौद्ध धर्म का एक प्रमुख प्रेरणा स्थल है। बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस के निर्माण हो जाने से बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में काफी वृद्धि होगी। राज्य सरकार बौद्ध परिपथ के अंदर आने वाले संकिसा, कुशीनगर आदि बौद्ध स्थलों पर उच्च स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का सृजन कर रही है। कुशीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा इस कड़ी में शामिल है।
जयवीर सिंह ने बताया कि उप्र अपने गौरवशाली, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासतों तथा समृद्ध, प्राकृतिक संपदा के दृष्टि पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ प्रदेश है। वाराणसी स्थित सारनाथ एक आध्यातिक, बौद्धिक एवं दार्शनिक स्थल है। इसके अलावा संग्रहालय भी बनाया गया है। दो एकड़ भूमि रॉयल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को हस्तांतरित किए जाने से भारत और भूटान के बीच अंतर्राष्ट्रीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ-साथ विदेशों से बड़ी संख्या में पर्यटन पधारेंगे। उन्होंने लीज डील एग्रीमेंट के लिए भूटान सरकार को बधाई दी और कहा कि भारत हमेशा भूटान के साथ खड़ा र हा है। उन्होंने इस मौके पर विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2017 के बाद से जो भी एमओयू निष्पादित किए गए हैं, उनकी समीक्षा की जाए। इसके अलावा विजिट माई स्टेट अभियान को युद्ध स्तर पर संचालित किया जाए।



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