UP Politics: पीएम की अपील बनाम नेताओं के शक्ति प्रदर्शन पर उठे सवाल!
UP Politics: देश में अंतरराष्ट्रीय हालात और ईरान युद्ध के चलते बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार लगातार ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल ही में देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और सादगी अपनाने का आवाहन किया था। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव करते हुए कई स्तरों पर सुरक्षा कर्मियों और वाहनों की संख्या सीमित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। इसी बीच मेरठ में भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव चौधरी द्वारा निकाले गए बड़े काफिले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों ट्रैक्टरों, एसयूवी और अन्य वाहनों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में वाहनों की मौजूदगी और रैली जैसे माहौल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
विपक्षी दलों का भाजपा पर निशाना
विपक्षी दलों ने इस पूरे मामले को लेकर भाजपा पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि जब देश के प्रधानमंत्री स्वयं सादगी और ईंधन बचत का संदेश दे रहे हैं, तब पार्टी पदाधिकारियों द्वारा इस प्रकार के बड़े काफिले निकालना उस अपील के विपरीत संदेश देता है। विपक्ष का आरोप है कि आम जनता से पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील की जा रही है, जबकि राजनीतिक कार्यक्रमों में खुलेआम ईंधन की खपत हो रही है। हालांकि भाजपा की ओर से इसे कार्यकर्ताओं का उत्साह और संगठनात्मक कार्यक्रम बताया जा रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यक्रम पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया गया और इसका उद्देश्य संगठन को मजबूत करना था। फिलहाल यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या नेताओं को भी उन्हीं अपीलों और सादगी के संदेशों का पालन नहीं करना चाहिए, जिन्हें जनता के बीच प्रचारित किया जा रहा है।



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