उत्तर प्रदेश
राजनीति
स्पेशल स्टोरी
Durga Shakti Gun, Durga Shakti Pistol, Gorakhpur Institute of Technology and Management, Gorakhpur ITM GIDA, Gorakhpur News, Institute of Technology and Management GIDA, ITM GIDA, ITM GIDA Gorakhpur, आईटीएम गीडा, आईटीएम गीडा गोरखपुर, इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट गीडा, गोरखपुर आईटीएम गीडा, गोरखपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, दुर्गा शक्ति गन, दुर्गा शक्ति पिस्टल
Shailendra Singh
0 Comments
नवरात्र स्पेशल: ITM गीडा की छात्राओं ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाई ‘दुर्गा शक्ति पिस्टल’
गोरखपुर: नारी शक्ति का प्रतीक नवरात्र देशभर में पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आज की बेटियां किसी सीमा में बंधी नहीं हैं। वे घर की चारदीवारी से निकलकर आकाश की अनंत ऊंचाइयों को छू रही हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नारी सुरक्षा, नारी सम्मान और नारी स्वावलंबन को आधार बनाकर मिशन शक्ति 5.0 का शुभारंभ किया है। इसी क्रम में गोरखपुर के बड़गहन स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा की छात्राओं ने बहन-बेटियों की सुरक्षा के लिए दुर्गा शक्ति पिस्टल तैयार की है।
आईटीएम गीडा की चार छात्राओं प्रियांशी श्रीवास्तव, शांभवी सिंह, बिनु कुमारी और यशानंगी सिंह ने छेड़खानी करने वाले मनचलों को सबक सिखाने के लिए दुर्गा शक्ति 9 एमएम स्टील की पिस्टल तैयार की है। छात्रा प्रियांशी ने बताया कि यह पिस्टल महिलाओं के साथ छेड़खानी करने वाले दुष्टों पर लाल और हरी मिर्च की 9 एमएम गोलियां दाग सकती है। इस पिस्टल को मोबाइल के वाई-फाई या ब्लूटूथ से कनेक्ट कर इस्तेमाल किया जा सकता है। छात्रा शांभवी सिंह ने बताया कि आज के समय में महिलाओं को दुष्टों से रक्षा के लिए दुर्गा बनने की जरूरत है। हर लड़की या महिला फिजिकली स्ट्रांग नहीं होती या उन्हें कराटे या बॉक्सिंग नहीं आती और ऐसे में मनचलों से सुरक्षा के लिए हमारी दुर्गा शक्ति गन उनकी मदद करेगी।

कॉल, लोकेशन के साथ रिकॉर्डिंग की भी सुविधा
छात्रा यशानंगी सिंह ने बताया कि हमने महिला सुरक्षा और आपात सेवा के लिए दुर्गा शक्ति गन तैयार की है। अगर कोई किसी महिला को परेशान करने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास करता है तो पीड़ित महिला इस पिस्टल में लगे ट्रिगर को दबाकर सामने वाले को 10 मीटर दूर से शूट करके अपनी रक्षा कर सकती है। फायरिंग करने के साथ ही इस गन से जुड़े फोन के जरिए आपात नंबर से उनकी मदद हो जाएगी। नजदीकी पुलिस समेत परिजनों को कॉल और लोकेशन का पता चला जाएगा और घटनास्थल की रिकॉर्डिंग भी की जा सकती है।
बिनू कुमारी ने बताया कि इस गन को हमने मेटल से तैयार किया है, जिसका वजन लगभग 400 ग्राम है। इसमें 9 एमएम की फाइबर से लाल और हरी मिर्ची पाउडर से बनी गोली दागी जा सकती हैं। इस पिस्टल को बनाने में 20 दिन का समय लगा और 18,500 रुपये का खर्च आया है। इसे बनाने में मेटल पिस्टल गन, वाई-फाई ब्लूटूथ मॉड्यूल, 3.7 वोल्ट बैटरी, चिली पाउडर और फाइबर का इस्तेमाल किया गया है।

संस्थान निदेशक ने की प्रशंसा
वहीं, संस्थान के निदेशक डॉ. एन के सिंह ने दुर्गा शक्ति पिस्टल बनाने वाली सभी छात्राओं को महिला सुरक्षा के क्षेत्र में किए गए नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि बच्चियों द्वारा बनाए गए इस उपकरण से आने वाले दिनों में महिलाओं की सुरक्षा और मजबूत हो सकती। इसके अलावा संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया और संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने भी छात्रों को शुभकामनाएं और बधाई दी।



Post Comment