Monsoon Update: सामान्य से कम बारिश होने के आसार, पूर्वानुमान ने बढ़ाई चिंता

Monsoon Update: सामान्य से कम बारिश होने के आसार, पूर्वानुमान ने बढ़ाई चिंता

Monsoon Update: दो साल अच्छी बारिश होने के बाद इस साल मानसून के कमजोर रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने मानसून की बारिश को लेकर अपना पहला आधिकारिक अनुमान जारी किया। इसमें कहा गया है कि इस वर्ष देश भर में होने वाली वर्षा सामान्य से कम (लगभग सेंटीमीटर) रहने की संभावना है। आईएमडी के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने कहा कि मात्रात्मक रूप से पूरे देश में मौसमी वर्षा एलपीए का 92 प्रतिशत रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर, उत्तर-पश्चिम और दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की उम्मीद है। इनको छोड़कर देश के शेष हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा की उम्मीद है।

उन्होंने बताया, सामान्य से कम वर्षा का एक कारण जून में प्रशांत महासागर में अल नीनो की स्थिति का उभरना हो सकता है। आमतौर पर जब भी अल नीनो की स्थिति बनती है तो भारत में मानसून कमजोर पड़ जाता है और सूखे की स्थिति बनने का खतरा रहता है। हालांकि, हिंद महासागर में एक सकारात्मक द्विध्रुव (आईओडी) की स्थिति बन रही है। डॉ. महापात्रा ने कहा कि सकारात्मक आईओडी में सामान्य से अधिक वर्षा होती है। इसलिए उम्मीद है कि यह मानसून के दूसरे भाग में अल नीनो के प्रभाव को कम करने में सहायक होगा।

यह पड़ेगा प्रभाव

कम बारिश का धान, दालों और तिलहन की बुवाई और पैदावार पर सीधा असर पड़ सकता है। अगर फसल कम होती है, तो खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ सकते हैं, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है। ग्रामीण इलाकों में आय कम होने से बाजार में मांग कम हो सकती है, जिसका असर देश की जीडीपी विकास पर भी पड़ सकता है।

Post Comment

You May Have Missed