Monsoon 2026: अटका मानसून, मौसम विभाग की चेतावनी- अल-नीनो कर रहा कमजोर
Monsoon 2026: देश में मानूसन की रफ्तार धीमी है और अब इसके सात दिन बाद केरलम में दस्तक देने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग ने बताया कि मानसून पिछले पांच दिनों से श्रीलंका के तटवर्ती क्षेत्र में अटका हुआ है। केरलम तट से 30-35 किमी दूर अटके मानसून के दो-तीन दिन आगे बढ़ने की उम्मीद नहीं है। यही नहीं, इस बार सामान्य से 10 फीसदी कम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने दक्षिण-पश्चिम मानसून पर जारी दूसरे दीर्घकालिक अनुमान में बताया कि इस बार 90 फीसदी बारिश हो सकती है। इसमें चार फीसदी की मॉडल त्रुटि हो सकती है। यानी यह चार फीसदी ज्यादा या चार फीसदी कम हो सकती है।
मौसम विज्ञान के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने जून-सितंबर मानसून के लिए दूसरे चरण का अपडेट देते हुए यह जानकारी दी। 13 अप्रैल को कुल वर्षा दीर्घकालिक औसत का 92 प्रतिशत होने का अनुमान जताया गया था। संशोधित आकलन के अनुसार, सामान्य से कम या अल्पवर्षा वाले मानसून की संभावना 84 प्रतिशत तक पहुंच गई है। जून से सितंबर तक पूर्वोत्तर को छोड़कर देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा हो सकती है, जिसका असर कृषि, जल संसाधनों और जनजीवन पर पड़ने की आशंका है।
चिंता बढ़ी– कई राज्यों में बरसेगी आग
मौसम विभाग के अनुसार, जून में बारिश 92 प्रतिशत से कम रह सकती है। इसका मतलब है कि मानसून की शुरुआत से ही कई क्षेत्रों में बारिश की कमी महसूस की जा सकती है। खरीफ सीजन की बुआई पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से धान, मक्का और सोयाबीन जैसी फसलों की शुरुआती खेती बारिश कम होने से प्रभावित हो सकती है। बारिश पर निर्भर कृषि आधारित यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र का विदर्भ, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में कम बारिश से किसानों को नुकसान हो सकता है।
कम बारिश से तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है। अधिकांश हिस्सों में जून में दिन व रात दोनों समय तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़, गुजरात व आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक दिनों तक लू चल सकती है। महाराष्ट्र, तेलंगाना व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी लू का असर बढ़ने की संभावना है। हालांकि, राजस्थान और झारखंड में लू वाले दिनों की संख्या कम रह सकती है।



Post Comment