बरेली जिम कांड के बाद बड़ा एक्शन, मंडल के चारों जिलों के जिमों की होगी कड़ी जांच
बरेली: सिविल लाइंस स्थित अल्टीमेट फिटनेस जिम में महिला एमबीबीएस डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के मामले ने पूरे बरेली मंडल को हिला दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अजय कुमार साहनी ने बरेली, शाहजहांपुर, सहारनपुर, बदायूं और पीलीभीत में संचालित सभी जिमों की पांच दिन तक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान पुलिस जिमों के लाइसेंस, सुरक्षा इंतजाम, स्टाफ वेरिफिकेशन और सीसीटीवी व्यवस्था की जांच करेगी।
डीआईजी के निर्देश के बाद अब महिला सदस्यों वाले हर जिम में महिला ट्रेनर रखना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग वर्कआउट टाइम निर्धारित करने को कहा गया है। सभी जिमों में हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे और कम से कम 30 दिन का बैकअप रखना जरूरी होगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना फायर NOC, नगर निगम अनुमति या अन्य जरूरी दस्तावेजों के संचालित जिमों पर कड़ी कार्रवाई होगी। अवैध निर्माण मिलने पर बुलडोजर कार्रवाई तक की चेतावनी दी गई है।
कमरे में बनते थे अश्लील वीडियो
कोतवाली पुलिस की जांच में जिम संचालक अकरम बेग और उसके भाई आलम बेग के पास से कई आपत्तिजनक वीडियो और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, जिम में एक गुप्त कमरा बनाया गया था, जहां महिलाओं को कथित तौर पर नशीला पदार्थ देकर गलत काम किया जाता था और गुप्त कैमरों से वीडियो रिकॉर्ड किए जाते थे।
जांच में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिसमें पीड़िता से प्लॉट बेचकर 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगने की बात कही गई है।
बरेली में 400 जिम बिना पंजीकरण संचालित
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि बरेली में संचालित करीब 400 जिमों में से अधिकांश के पास वैध पंजीकरण नहीं है। कई जिम बिना फायर विभाग की NOC और प्रशासनिक अनुमति के चल रहे हैं। बिना प्रशिक्षित ट्रेनरों द्वारा खतरनाक सप्लीमेंट और पाउडर दिए जाने की शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं।
डीआईजी ने सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को पुराने महिला अपराधों के मामलों की समीक्षा करने और महिला सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं।
महिला आयोग और हिंदू संगठनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
महिला आयोग की सदस्य पुप्षा पांडेय ने जिलाधिकारी अविनाश सिंह से मुलाकात कर सभी जिम और ब्यूटी पार्लरों की जांच कराने की मांग की है। वहीं, विश्व हिंदू परिषद और हिंदू महासभा ने भी मामले में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।



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