गोरखपुर: इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (आईटीएम) गीडा ने दुनियाभर को शांति और हरियाली का संदेश देने की कोशिश की है। आज जब दुनिया के कई देशों में घातक बमों के प्रयोग से विनाशलीला जारी है, तब आईटीएम गीडा के बीटेक के छात्र शशांक और शिवेश ने एक ऐसा बम बनाया है, जिसके गिरने पर जानमाल का नुकसान नहीं होगा, बल्कि जहां भी गिरेगा, वहां के बड़े भूभाग को हरा-भरा कर देगा। छात्रों ने इन्नोवेटर श्याम चौरसिया की देखरेख में कॉलेज के इन्नोवेशन सेल में ग्रीन परमाणु बम बनाया है।
छात्र शशांक पाण्डेय ने बताया, हमने इस प्रोजेक्ट को ग्रीन बम नाम दिया है। ये ग्रीन बम जिस भी जगह पर गिरेगा, वहां करोड़ों पौधे उग सकते हैं। कई किलोमीटर दूर तक एक साथ हरियाली हो सकती है। इस ग्रीन परमाणु बम का वजन करीब 25 किलो होगा, जिसमें 100 से ज्यादा प्रजातियों के करोड़ों बीज रखे जा सकते हैं। लड़ाकू विमान से लॉन्च यानी ड्राप करने पर ये जमीन पर गिरने से पहले अंदर भरे बायो बीज़ को काफी दूर तक फैला देता है। हवा के संपर्क में आने पर ग्रीन बम से निकलने वाले बायो-न्यूट्रिशन बीज कैप्सूल को उगने में मदद मिलेगी।
करीब दो साल में तैयार हुआ प्रोजेक्ट
वहीं, छात्र शिवेश ने बताया कि इस ग्रीन बम की लंबाई करीब 5 फीट और चौड़ाई 01 फीट है। इसके अंदर हम विभिन्न प्रकार के करोड़ों बायो कैप्सूल बीज रख सकते हैं, जिनको किसी ड्रोन या विमान से लॉन्च कर सकते हैं। इस बम को बनाने का उद्देश्य दुनिया में शांति व बेगुनाहों के जान-माल की रक्षा के साथ धरती पर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखना है। इसे बनाने में करीब दो साल का समय लगा और एक लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आया।
संस्थान के निदेशक डॉ. एनके सिंह ने श्याम चौरसिया और छात्रों के नवाचार की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये ग्रीन बम मिसाइल धरती पर हरियाली के साथ विश्व शांति का संदेश भी है। उन्होंने छात्रों की सराहना करते हुए उनके उज्वल भविष्य की कामना की। इसके अलावा संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया और संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने भी छात्रों को शुभकामनाएं और बधाई दी।