दुश्‍मनों से निपटने में देश के सैनिकों की मदद करेगा ‘सैटेलाइट डिफेंस ग्लास’, ITM गीडा के स्टूडेंट्स ने किया तैयार

दुश्‍मनों से निपटने में देश के सैनिकों की मदद करेगा ‘सैटेलाइट डिफेंस ग्लास’, ITM गीडा के स्टूडेंट्स ने किया तैयार

गोरखपुर: देश के जवान हमारी सुरक्षा के लिए सरहद पर बिना अपनी जान की परवाह किए डटे रहते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा के लिए भी बहुत जरूरी हो जाती है। अगर उन्‍हें सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले आधुनिक हथियारों के लिए टेक्‍नोलॉजी कवच भी मिल जाए तो ये और भी बेहतर रहेगा। इसी को ध्‍यान में रखते हुए गोरखपुर स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (गीडा) के छात्रों ने एक ऐसा चश्मा बनाया है, जो सैनिकों को दूर से हथियारों को संचालित करने के साथ दुश्मनों से सचेत करने में भी मदद करेगा। इस इनोवेशन को नाम दिया गया है- ‘सैटेलाइट डिफेंस ग्लास’।

वर्ल्ड क्रिएटिविटी और इनोवेशन डे के मौके पर आईटीएम गीडा के बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के प्रथम व तृतीय वर्ष के छात्रों ने मिलकर कॉलेज के इनोवेशन सेल में ‘सैटेलाइट डिफेंस ग्लास’ तैयार किया है। इसके बारे में छात्रा नंदनी जायसवाल ने बताया कि इसकी मदद सें हमारे जवान वायस कमांड या चश्मे में लगे एक वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम की मदद से अपनी बंदूकों को संचालित करके दूर से ही दुश्मन पर फायरिंग कर सकेंगे।

दुश्‍मनों से निपटने में देश के सैनिकों की मदद करेगा ‘सैटेलाइट डिफेंस ग्लास’, ITM गीडा के स्टूडेंट्स ने किया तैयार

दुश्मनों की घुसपैठ की खबर भी देगा

छात्रा प्राची सर्राफ व छात्र कुंदन चौहान ने बताया कि इस चश्मे में दो तरह के ट्रिगर लगे हैं। पहला ट्रिगर- सिस्टम को किसी भी बंदूक के ट्रिगर से जोड़ कर चश्मे के माध्यम से दो किलोमीटर दूर से भी संचालित किया जा सकता हैं। इसी प्रकार चश्मे का दूसरा ट्रिगर- वायरलेस रेडियो मोशन एंड ऑब्जेक्ट डिटेक्टर सेंसर्स डिवाइस है। इस सेंसर्स को जवान आगे बढ़ते वक्त अपने पीछे के एरिया में आस-पास लगा सकते हैं, जहां सें उन्हें दुश्मन के पीछे से आने का खतरा है तो इसकी सूचना उनको इसके जरिए पहले ही मिल जाएगी।

छात्रा अनन्या सिन्हा ने बताया कि ये चश्मा रेडियो फ्रीक्वेंसी सैटेलाइट और इंटरनेट के माध्यम से भी काम कर सकता है और इसलिए इसके ऑपरेटिंग रेंज को और भी बढ़ाया जा सकता है। अंशित श्रीवास्तव ने बताया कि इस खास चश्‍मे को बनाने में 20 दिन का समय लगा और लगभग 70 हजार रुपये का खर्च आया है।

दुश्‍मनों से निपटने में देश के सैनिकों की मदद करेगा ‘सैटेलाइट डिफेंस ग्लास’, ITM गीडा के स्टूडेंट्स ने किया तैयार

संस्‍थान निदेशक ने की स्‍टूडेंट्स की तारीफ

संस्थान के निदेशक डॉ. एन के सिंह ने बताया कि संस्थान के छात्र अपने आइडिया पर रिसर्च कर प्रोजेक्ट को तैयार करते हैं। आज के ये छात्र कल के देश के भविष्य हैं। छात्रों के ऐसे आइडिया से नवाचार के क्षेत्र में देश प्रगति करेगा। इन छात्रों की इस खास उपलब्धि के लिए संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया और संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने बधाई दी है।

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