गाजियाबाद: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य रविवार को सोशल मीडिया पर आपस में भिड़ गए। गाजियाबाद में केशव मौर्य से जब पत्रकारों ने 29 मार्च की अखिलेश यादव की दादरी जनसभा को लेकर सवाल किया तो डिप्टी सीएम ने कहा, दादरी में समाजवादी पार्टी की सभा फ्लॉप शो थी। वो पाने के लिए आए थे, खो कर चले गए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा वो 2027 में सरकार बनाने के लिए आए थे, 2047 तक पीछे खिसक गए। सभी जातियां भाजपा के साथ हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं। तीसरी बार ऐतिहासिक बहुमत से भाजपा की सरकार बनेगी।
अखिलेश यादव ने कसा तंज
केशव मौर्य के इस बयान पर अखिलेश यादव ने तंज कसा। उन्होंने केशव का वीडियो X पर शेयर करते हुए लिखा, ‘कार पर खड़े होकर बोल रहे हैं या स्टूल पर? जनता द्वारा हराए जा चुके जो लोग, अपने चुनाव का आंकलन नहीं कर पाए, वो न ही बोलें तो उनका रहा-सहा मान-सम्मान बचा रहेगा। कृपा-दृष्टि से मर्सी पोस्टिंग पाए लोग, जब बिन मांगे अपनी राय देते हैं तो उपहास का पात्र बन जाते हैं। अगर इतने ही बड़े राजनीतिक विशेषज्ञ हैं तो खुद ही वो जगह बता दें, जहां ये पीडीए की ताकत देखने ख़ुद आना चाहेंगे, ये वचन है कि हम उन्हें ससम्मान कुर्सी पर बैठाएंगे।

उन्होंने आगे कहा कि अगर रिश्ता अच्छा हो और इच्छा हो तो उनसे भी पूछ लें (अगर कभी उनसे मिलना होता हो तो) जो न तो अपने से बड़ों को नमस्कार करते हैं, न इनके नमस्कार का जवाब देते हैं। उनको भी हम प्लास्टिक की कुर्सी पर कहीं पीछे नहीं, बल्कि सम्मान सहित आगे बैठाएंगे। आज के लिए इतना पर्याप्त, पोस्ट समाप्त।
केशव मौर्य ने अखिलेश को दिया जवाब
इसके बाद केशव प्रसाद मौर्य ने भी अखिलेश यादव को X पोस्ट के जरिए जवाब दिया। उन्होंने लिखा कि हम जमीन की राजनीति करते हैं, हवा-हवाई कलाबाज़ी नहीं। हमारा भरोसा राष्ट्रवाद में है, ‘लठैतवाद’ में नहीं। हम जालीदार टोपी नहीं पहनते, हमें भगवा पर गर्व है। विरासत में मिली तुष्टिकरण की राजनीति को ही अपनी योग्यता समझ लेना सपा बहादुर अखिलेश यादव की पुरानी आदत रही है। इसी वजह से वे आज भी ज़मीनी हकीकत समझने में नाकाम हैं। लगातार दो विधानसभा चुनाव हारने के बाद भी वह भ्रम, बहकावे व वंशवाद के शिकंजे में हैं।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सपा के वंशवाद, गुंडागर्दी और उसके माफियावाद को पूरी तरह नकार चुका है, जहां सत्ता संरक्षण में अपराध पनपते थे। आज प्रदेश सुशासन और विकास की राह पर आगे बढ़ चुका है और यही बदलाव सपा को सबसे ज़्यादा असहज करता है। जनता अब समझ चुकी सपा का हर छल और हर संदेश, नहीं चाहिए अखिलेश, कहता है उत्तर प्रदेश जय श्रीराम।
केशव ने वीडियो शेयर किया– सपा बहादुर के अंदर नहीं है साहस
इसके बाद 1 मिनट 21 सेकेंड का एक वीडियो पोस्ट करते हुए केशव ने लिखा, मैं जानता हूं, सपा बहादुर के अंदर नहीं है साहस। वीडियो में वे कह रहे हैं कि अखिलेश यादव के हाथ राम भक्तों के खून में सने हुए हैं। अखिलेश यादव यदि सैफई में रामलला की मूर्ति लगाकर सोचते हैं कि रामभक्त उनको माफ कर देंगे तो वह गलत हैं, रामभक्त उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। यदि अखिलेश यादव हिंदुओं के सच्चे हितैषी हैं तो उत्तर प्रदेश में अभी दो काम बाकी हैं। पहला काशी में बाबा विश्वनाथ के मंदिर को तोड़कर जो मस्जिद बनाई गई है और दूसरा मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को तोड़कर जो ईदगाह बनाई गई है, उस मस्जिद और ईदगाह को हटाने का कार्य, इसके लिए वह आगे बढ़ें।