नई दिल्ली: पश्चिमी सिक्किम के यांगथांग के अपर रिंबी इलाके में शुक्रवार रात लैंडस्लाइड हुई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, जबकि तीन लोग लापता हैं। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेज धार नदी में फंसे लोगों का रेस्क्यू भी चल रहा है।
वहीं, उत्तराखंड के ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे नरेंद्रनगर के बगड़धार में बीती रात नौ बजे से बाधित है। देर शाम हुई बारिश के दौरान पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क पर यातायात रुक गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इधर, बड़कोट क्षेत्र में यमुनोत्री हाईवे बनास-नारद चट्टी के पास 20वें दिन भी बंद पड़ा है। वहीं, फूलचट्टी के पास जानकीचट्टी को जोड़ने वाली ध्वस्त सड़क पर वाहन चलाना तो दूर, पैदल गुजरना भी जोखिम भरा हो गया है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों में चिंता
ऐसे हालात में जिला प्रशासन द्वारा 13 सितंबर से यमुनोत्री धाम की यात्रा शुरू करवाने के दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। यात्रियों और स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है। राज्य में बृहस्पतिवार को भी तीन एनएच समेत 177 मार्ग बंद रहे। इस कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। टिहरी में 23, चमोली 32, रुद्रप्रयाग 25, पौड़ी 12 और उत्तरकाशी जिले में 21 सड़क बंद थी। देहरादून 16, हरिद्वार एक, पिथौरागढ़ 18, अल्मोड़ा 16, बागेश्वर छह और नैनीताल में सात सड़क बंद रही। चंपावत और ऊधमसिंह नगर में कोई भी सड़क बंद नहीं है।
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश में 20 जून से अब तक बारिश और बाढ़ के कारण 380 लोगों की मौत हो चुकी है, 40 लापता हैं। सबसे ज्यादा 48 मौतें लैंडस्लाइड में गईं। बादल फटने से 17 की मौत हुई है। आज 3 नेशनल हाईवे समेत 500 से ज्यादा सड़कें बंद हैं।