लोकसभा में उठा संभल हिंसा का मुद्दा, अखिलेश यादव बोले- ‘भाईचारे’ को मारी गई गोली, ये सोची समझी साजिश

लोकसभा में उठा संभल हिंसा का मुद्दा, अखिलेश यादव बोले- ‘भाईचारे’ को मारी गई गोली, ये सोची समझी साजिश

Sambhal Violence Update: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में हुई हिंसा का मुद्दा मंगलवार को समाजवादी पार्टी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष व सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में उठाया। उन्‍होंने कहा कि जिले के भाईचारे को गोली मारी गई है। यह सोची समझी साजिश है। सपा सुप्रीमो ने कहा कि देशभर से जो खुदाई की खबरें आ रहीं हैं, उससे देश का सौहार्द बिगड़ेगा।

अखिलेश यादव ने सदन में कहा कि संभल में सब साजिश के तहत हुआ है। यूपी में चुनाव था, इसलिए यह सब किया गया। संभल में हजारों साल से हिंदू-मुसलमान भाइयों की तरह रह रहे हैं। यह एक सोची समझी घटना है और भाईचारे को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया है। उत्तर प्रदेश में उपचुनाव था, वहां पर जो गड़बड़ी हुई उससे ध्यान भटकाने के लिए संभल की घटना को किया गया।

संभल पुलिस प्रशासन पर आरोप

सपा नेता ने कहा कि संभल का माहौल बिगाड़ने में पुलिस और प्रशासन का हाथ है। संभल का माहौल बिगाड़ने में याचिका दायर करने वाले का हाथ है। यह लड़ाई दिल्ली और लखनऊ के बीच की है। सपा सांसद ने कहा कि संभल में तानाशाही दिखाई गई। लोगों के साथ सीओ ने गाली-गलौज की। पुलिस के गोली से कई लोग घायल हुए हैं।

अधिकारियों के निलंबन की मांग

अखिलेश यादव ने कहा, कोर्ट ने दूसरे पक्ष को बिना सुने हुए आदेश दे दिया। कोर्ट के आदेश के 2 घंटे बाद ही सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंच गई। 22 तारीख को नमाजियों को नमाज पढ़ने से रोका गया, लेकिन फिर भी किसी तरह का प्रदर्शन नहीं हुआ। 29 तारीख को अगली तारीख थी, लेकिन 24 तारीख को दोबारा सर्वे की बात कह दी गई और सुबह के वक्त तानाशाही करते हुए सर्वे की टीम को लेकर जामा मस्जिद पहुंच गए।

उन्‍होंने कहा कि चंद लोगों ने पथराव किया तो उसके ऊपर गोलियां चला दी गई, पांच लोग जो अपने घरों से सामान लेने के लिए निकले थे, उनकी मौत हो गई। पुलिस प्रशासन के लोग जिम्मेदार हैं, उनको निलंबित किया जाना चाहिए और हत्या का मुकदमा चलना चाहिए। यह लड़ाई दिल्ली और लखनऊ की है। लखनऊ वाला उस रास्ते से दिल्ली आना चाहता है।

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