SRMS Bareilly: देहदान का संकल्प लेने वाले आधुनिक दधीचियों का सम्मान
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अंग वस्त्र, स्मृति चिह्न और सर्टिफिकेट से देहदान का संकल्प लेने वाले सम्मानित
SRMS Bareilly: देहदान का संकल्प लेने वाले महादानियों को एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम देह से दिव्यता तक में एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति ने देहदान सभी आधुनिक दधीचियों को अंग वस्त्र, लघु वृक्ष, स्मृति चिह्न, डोनर कार्ड और सर्टिफिकेट देकर आभार प्रकट किया। देहदान को महादान बताते हुए उन्होंने समाज हित में अधिक से अधिक लोगों को इन महादानियों से प्रेरणा लेकर देहदान के लिए प्रेरित किया। एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की ओर से 11 जुलाई को क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजी: टेक्स्ट बुक से टेस्ट ट्यूब तक नाम से सीएमई का आयोजन हुआ। इसी के अंतर्गत ‘देह से दिव्यता तक’ कार्यक्रम में देहदान का संकल्प लेने वाले महादानियों को सम्मानित किया गया। संस्थान के चेयरमैन देव मूर्ति ने संकल्प को समाजहित में और मेडिकल साइंस के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए इसे महादान बताते हुए प्रशंसा की। 95 से ज्यादा दधीचि अब तक एसआरएमएस में देहदान कर चुके हैं। जबकि 100 महादानियों ने इसके लिए शपथ पत्र दिया है।

देहदान जैसा महादानी काम करने वाले लोग हमेशा अमर रहेंगे
देहदान का संकल्प लेना और परिजनों की देह मेडिकल कॉलेज को सौंपना हिम्मत का काम है। देहदान जैसा महादानी काम करने वाले लोग हमेशा अमर रहेंगे। सीएमई के मुख्य वक्ता एनाटॉमिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के जनरल के एडिटर इन चीफ एवं केएमसी मंगलूर के विजिटिंग प्रोफेसर डॉ. विश्राम सिंह ने देहदान का संकल्प लेने वालों को शुभकामनाएं दीं और आभार जताया। सीएमई क्लिनिकल एम्ब्रियोलॉजी: टेक्स्ट बुक से टेस्ट ट्यूब तक में उन्होंने वर्तमान में जन्मजात विकृतियों में तेजी से बढ़ोतरी और भ्रूण विज्ञान से उपचार पर व्याख्यान दिया। एसजीपीजीआई लखनऊ के मेडिकल जेनेटिक्स विभाग के प्रमुख प्रोफेसर (डॉ.) कौशिक मंडल ने जन्मजात विकृति- प्रबंधन और रोकथाम के लिए महत्वपूर्ण मूल्यांकन ही कुंजी है विषय पर व्याख्यान दिया। लेजिस्लेटिव काउंसिल लखनऊ की सदस्य एवं पहराइज की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने प्रसव-पूर्व निदान और जन्मजात विसंगतियों में क्लिनिकल भ्रूणविज्ञान विषय पर व्याख्यान दिया।
ग्वालियर स्थित वर्मा हास्पिटल एवं फर्टिलिटी सेंटर की डायरेक्टर डॉ. अंजु लता वर्मा ने पाठ्यपुस्तकों से परे भ्रूणविज्ञान और आईवीएफ प्रयोगशालाओं में प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान दिया। यहीं के सीनियर एंब्रियो लाजिस्ट डॉ. यतींद्र सिंह वर्मा ने युग्मक (गैमीट) से जन्म तक की यात्रा का वर्कशॉप प्रेजेंटेशन दिया। सीएमई के साइंटिफिक सत्र में पोस्टर और ओरल प्रेजेंटेशन भी हुआ। इससे पहले एनाटॉमी डिपार्टमेंट की एचओडी डॉ. नमिता मेहरोत्रा ने देहदान का शपथ पत्र देने वाले सभी अतिथियों का कार्यक्रम में स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आपका यह निस्वार्थ दान मानवता की सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण है। आपके इस सर्वोच्च दान से प्रेरणा लेकर निसंदेह और लोग भी महादान के लिए प्रेरित होंगे।

देहदान का संकल्प लेने वालों में पांच बहने भी शामिल
‘देह से दिव्यता तक’ कार्यक्रम में देहदान का संकल्प लेने वालों को एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति ने सम्मानित किया। इस अवसर पर 11 महादानी सम्मानित किए गए। इसमें इज्जतनगर स्थित बसंत विहार कालोनी निवासी एक ही परिवार की पांच बहनों अंजना शर्मा (48 वर्ष), कल्पना शर्मा (40 वर्ष), रंजना शर्मा (43 वर्ष), कंचना शर्मा (46 वर्ष), अल्पना शर्मा (38 वर्ष) को भी सम्मानित किया गया। सभी बहनों ने एक साथ देहदान का संकल्प लिया है। इसके साथ ही कंजादासपुर की निर्मल भसीन (81 वर्ष), अलीगंज आंवला के आनंद प्रकाश गुप्ता (75 वर्ष) और उनकी पत्नी सुधा रानी (70 वर्ष), इज्जत नगर स्थित इंद्रानगर के अवनेश चंद्र सक्सेना (74 वर्ष), नेकपुर गल्ला मंडी निवासी रेलवे के सेवानिवृत्त टेक्नीशियन सुभाष चंद्र शर्मा (72 वर्ष), किच्छा निवासी पूनम चड्ढा (58 वर्ष) और आशुतोष सिटी निवासी नीलिमा पाठक (55 वर्ष) को भी सम्मानित किया गया।



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