लखनऊ के सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी के बाद फर्श पर गिरने से बच्चे की मौत, डिप्‍टी सीएम ने लिया संज्ञान

लखनऊ के सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी के बाद फर्श पर गिरने से बच्चे की मौत, डिप्‍टी सीएम ने लिया संज्ञान

लखनऊ: राजधानी के सरकारी अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चा फर्श पर गिर गया।, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने यह कहते हुए हंगामा किया कि जब हम मां को लाए तो कहा गया कि इंतजार करो। जब लेबर पेन होगा तभी नॉर्मल डिलीवरी कराई जाएगी। बच्चे के पिता ने कहा- पत्नी की पहली प्रेग्नेंसी थी। लड़का हुआ था।

मामला कानपुर रोड स्थित लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल का है। आशियाना की सीता विहार कॉलोनी के शुभम अपनी गर्भवती पत्नी को रविवार शाम लेबर पेन होने पर अस्पताल पहुंचे थे। बच्चे के पिता शुभम पाल ने बताया कि बच्चे की मां को जब लेबर पेन हुआ तो मैं उसे यहां लेकर आया। शाम करीब 4 बजे लेकर आया। यहां पर उसी समय उनको एडमिट कर लिया गया। उसके बाद फिर से लेबर पेन का ये लोग इंतजार करते रहे कि पेन होगा तभी डिलीवरी करेंगे। भर्ती करते समय डॉक्टरों ने कहा था कि एडमिट कर रहे हैं।

डॉक्‍टर बोले- सीजर की व्‍यवस्‍था नहीं, डायरेक्‍टर ने कहा- है

लेबर पेन होने पर नॉर्मल डिलीवरी कराएंगे, अगर जरूरत पड़ी तो सीजर भी कर सकते हैं। 5 घंटे भी नॉर्मल डिलीवरी नहीं हो पाई और मेरी पत्नी थक चुकी थी। मैंने कहा कि आप लोग सीजर ही कर दीजिए तो डॉक्टरों ने कहा कि हमारे पास सीजर की व्यवस्था नहीं है। मैंने डायरेक्टर से यही बात जाकर कही तो उन्होंने कहा कि सीजर की पूरी व्यवस्था है।

डायरेक्टर को मैंने लिखित शिकायत दी है। उन्होंने कहा है कि हम इसकी जांच करेंगे। आपको न्याय मिलेगा। मैंने डायरेक्टर से पूछा कि वहां ड्यूटी पर डॉक्टर हैं या इंटर्न, तो उनको नहीं पता था कि ड्यूटी किसी लगी हुई है।

मेरी मां को धक्का देकर लेबर रूम से बाहर निकाला

शुभम ने बताया कि मैंने पत्नी को रविवार शाम 04 बजे भर्ती कराया था। उसके बाद दोबारा में लेबर पेन शनिवार को तड़के 4 बजे शुरू हुआ। उस समय से लेकर सुबह साढ़े आठ बजे तक लेबर रूम ले जाकर नॉर्मल डिलीवरी की कोशिश की जाने लगी। उस दौरान डिलीवरी रूम में मेरी मां भी थीं।

उनको इन लोगों ने धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। उस समय वहां पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। जो सफाई कर्मचारी थी, वो कह रही थी कि डॉक्टर साहब मुझको 50 रुपये देते हैं, आप 500 रुपये दे दीजिए, डिलीवरी करा देती हूं।

घटना के बाद भी डॉक्टर नहीं आईं

शुभम ने बताया कि गर्भवती कीर्ति की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आखिरकार प्रसव हो गया। इस दौरान बच्चा फर्श पर गिर गया, जिससे उसके सिर पर चोट आ गई। घटना के बावजूद डॉक्टर वार्ड में मरीज को देखने तक नहीं आई। घरवालों ने जब वार्ड में हंगामा शुरू किया तब कुछ स्टाफ नर्स और कर्मचारी पहुंचे।

परिवारीजनों का आरोप है कि डॉक्टर मृत शिशु को कागजी कार्रवाई के बाद घर भेजने पर अमादा था। शुभम ने शव लेने से इन्कार कर दिया। वह शव का पोस्टमॉर्टम कराने के लिए अड़ गए। हंगामे की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग के बाद पुलिस ने शिशु के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान शुभम ने अस्पताल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज की भी मांग की है।

डायरेक्टर बोले- जांच कमेटी गठित, सबके बयान होंगे

लोकबंधु अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। समिति परिजनों की लिखित शिकायत और लगाए गए आरोपों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे।

मरीज के इलाज से जुड़े रिकॉर्ड, ड्यूटी रोस्टर और प्रसव की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित डॉक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समिति को जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

लखनऊ के सरकारी अस्‍पताल में डिलीवरी के बाद फर्श पर गिरने से बच्चे की मौत, डिप्‍टी सीएम ने लिया संज्ञान

डिप्टी सीएम ने संज्ञान लेते हुए 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी

नवजात की मौत के मामले में डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लिया है। उन्होंने 24 घंटे में रिपोर्ट तलब की है। महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को जांच का आदेश दिया। कहा है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार की प्राथमिकता में गर्भवती और प्रसूताओं को बेहतर इलाज शामिल है। इसमें लापरवाही करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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