UP Congress: दलित वोट बैंक साधने की कोशिश में पार्टी, राजेंद्र पाल गौतम पर बड़ी जिम्मेदारी
UP Congress: कांग्रेस पार्टी ने यूपी का प्रभारी पूर्व मंत्री राजेंद्र पाल गौतम को बनाया है। राष्ट्रीय महासिचव अविनाश पांडेय को हटाकर राजेंद्र पाल गौतम को यूपी की जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें की राजेंद्र पाल गौतम को अभी कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो ब्राह्मण चेहरे को हटाकर दलित पर भरोसा जताने के पीछे मूल वजह दलित वोटबैंक साधने की रणनीति बताई जा रही है। जल्द ही सह प्रभारियों को भी हटाए जाने की चर्चा है। शुक्रवार को पार्टी शीर्ष नेतृत्व में प्रदेश प्रभारी पद पर राजेंद्र पाल गौतम को जिम्मेदारी सौंपी। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे राजेंद्र पाल मूल रूप से मेरठ के निवासी हैं। वह पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश में सक्रिय हैं। वह बिना बुलाए मायावती से उनके आवास पर मिलने पहुंचने की वजह से सुर्खियों में रहे।
सह प्रभारियों का भी होगा बदलाव
कांग्रेस में जल्द ही प्रदेश सह प्रभारियों का भी बदलाव होगा। अभी यहां सह प्रभारी के रूप में धीरज गुर्जर, प्रदीप नरवाल, राजेश तिवारी, तौकीर आलम, सत्यनारायण पटेल हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही इनके स्थान पर नए लोगों की जिम्मेदौरी सौंपी जाएगी। कांग्रेस का पुराना वोटबैंक दलित, पिछड़े और अल्पंख्यक रहे हैं। पार्टी इसे खुद से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। संविधान सम्मेलन से लेकर दलित महापुरुषों से जुड़े कार्यक्रमों को वरीयता दे रही है। अनुसूचित विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाने के पीछे भी यही रणनीति मानी जा रही है। बदली सियासी परिस्थितियों में बसपा के तमाम दिग्गज नेता छिटके हुए हैं। कांग्रेस उन्हें अपने खेमे में करने को आतुर है। पार्टी के रणनीतिकार चाहते हैं कि वे दलित वोटबैंक को अपने खेमे में करने में सफल हो जाएं तो उत्तर प्रदेश में उनका वनवास खत्म हो सकता है। वह सुरक्षित सीटों के साथ ही अन्य सीटों पर भी दलित चेहरों को मैदान में उतारने की तैयारी में है।



Post Comment