Ram Mandir: मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा-चौकसी बढ़ाई, दान गणना कक्ष में प्रवेश के नियम भी बदले
Ram Mandir Donation Case: अयोध्या राम मंदिर दान की राशि के कथित गबन के मामले के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है. अब गणना कक्ष में बिना जेब वाले विशेष वस्त्र पहनकर ही प्रवेश मिलेगा. मोबाइल, पर्स और अन्य निजी सामान प्रतिबंधित हैं. कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है. इसके अलावा पूरी गणना प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जा रही है. मोबाइल फोन, बैग, झोला, पर्स और अन्य निजी सामान लेकर प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. साथ ही प्रवेश और निकासी के समय कर्मियों की जांच भी की जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, दानपात्रों से निकलने वाली नकदी की गणना के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या छह से बढ़ाकर 10 कर दी गई है. गणना प्रक्रिया की रिकॉर्डिंग की जा रही है और कई स्तरों पर निगरानी रखी जा रही है. सूत्र बताते हैं कि नई व्यवस्था के तहत गणना कक्ष में जाने वाले प्रत्येक कर्मचारी का रिकॉर्ड रखा जा रहा है. गणना से पहले और बाद में कर्मियों की उपस्थिति दर्ज की जा रही है. पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण किया जा रहा है.
SIT ने गृह विभाग को सौंपी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर तीर्थ क्षेत्र से जुड़े कथित दान प्रकरण की जांच में एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है. मामले की पड़ताल कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार के गृह विभाग को सौंप दी है. मंगलवार को एसआईटी के प्रमुख सदस्य और लखनऊ मंडल के आयुक्त विजय विश्वास पंत ने अन्य सदस्यों के साथ अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को यह रिपोर्ट प्रस्तुत की. अधिकारियों के अनुसार यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है और जांच की प्रक्रिया अभी जारी है. मामले से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर साक्ष्य और दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं.
मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन की हो रही पड़ताल
एसआईटी की जांच का मुख्य फोकस मंदिर में प्राप्त होने वाले चढ़ावे की राशि के संग्रह, उसके लेखा-जोखा, उपयोग और प्रबंधन की प्रक्रिया पर है. जांच दल संबंधित अभिलेखों और वित्तीय दस्तावेजों का गहन परीक्षण कर रहा है. सूत्रों के अनुसार यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि दान राशि के संचालन में निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन हुआ है या नहीं. इसके साथ ही ट्रस्ट से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके.



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