केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, पीएम-राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, पीएम-राष्ट्रपति ने दी मंजूरी

नई दिल्‍ली: भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जॉर्ज कुरियन ने मंगलवार (23 जून) को केंद्रीय राज्य मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वह अल्पसंख्यक कार्य, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राज्यसभा सदस्य के रूप में उनका छह साल का कार्यकाल समाप्त हो गया है, जिस कारण उन्हें यह पद छोड़ना पड़ा। राष्ट्रपति भवन से जारी एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है।

जॉर्ज कुरियन के बारे में खास बातें

भाजपा नेता ने पीएम मोदी के मंत्रिपरिषद से दिया इस्तीफा।

केरल के कोट्टायम में साल 1960 में जन्म हुआ।

कुरियन कानून के अच्छे जानकार हैं।

केंद्रीय राजनीति में कार्यकाल

मार्च 2017 से मार्च 2020 तक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष रहे।

जून 2024 में अल्पसंख्यक मामलों के राज्यमंत्री बने।

अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश से भाजपा की टिकट पर राज्यसभा सदस्य बने।

पीएम मोदी के मंत्रिपरिषद में कितने पद?

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में राज्य मंत्री।

मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन राज्य मंत्री।

मध्य प्रदेश से पहुंचे थे राज्यसभा

जॉर्ज कुरियन मूल रूप से केरल के कोट्टायम जिले के रहने वाले हैं। वे मध्य प्रदेश से अगस्त 2024 में राज्यसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। 65 वर्षीय जॉर्ज कुरियन जून 2024 से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल वाले मंत्रिमंडल का हिस्सा थे। इससे पहले वे मार्च 2017 से मार्च 2020 तक राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के उपाध्यक्ष रहे। वह भाजपा के उन पुराने और अनुभवी नेताओं में शामिल हैं, जो 1980 में पार्टी की स्थापना के समय से ही इसके सदस्य रहे हैं। राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ उन्होंने भारत के सुप्रीम कोर्ट में वकील के तौर पर भी काम किया है।

फिर मौका क्यों नहीं मिला?

राज्यसभा का कार्यकाल पूरा होने के बाद उन्हें दोबारा सदन के लिए उम्मीदवार नहीं बनाया गया था। माना जा रहा है कि केरल विधानसभा चुनावों में पार्टी के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न करने की वजह से उन्हें फिर से मौका नहीं मिला। जॉर्ज कुरियन का जन्म 20 सितंबर 1960 को केरल के कोट्टायम जिले में हुआ था। उन्होंने अपने गृहनगर से स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद कानून (Law) में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। वह कानून के अच्छे जानकार भी हैं।

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