ITM गीडा की छात्रा ने बनाया ‘AI कूलिंग आर्मी कैंप’, जवानों की धूप और दुश्मनों से करेगा रक्षा
गोरखपुर: भीषण गर्मी और तपती धूप में सरहद पर तैनात देश के वीर जवानों की सुरक्षा के लिए आईटीएम गीडा, गोरखपुर की डिप्लोमा छात्रा रुचि त्रिपाठी ने एक अनूठा आविष्कार किया है। रुचि ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीकों से लैस एक ‘AI आर्मी कूलिंग कैंप’ तैयार किया है, जो जवानों को चिलचिलाती धूप से राहत देने के साथ-साथ दुश्मनों और आतंकियों के हमलों से भी सुरक्षित रखेगा।
छात्रा रुचि त्रिपाठी ने बताया, “जब हमने देखा कि तेज धूप से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष कूलिंग हेलमेट दिए गए हैं, तो हमें अपने बॉर्डर के जवानों का ख्याल आया जो हर मौसम में देश की रक्षा करते हैं। बस इसी सोच के साथ हमने इस स्मार्ट कैंप को डिजाइन किया।” इस 5 फीट × 8 फीट आकार और 10 फीट ऊंचे कैंप को बनाने में करीब 60 हजार रुपये की लागत आई है और इसे 25 दिनों में तैयार किया गया है।
कैंप की मुख्य विशेषताएं और तकनीक
वाटर कूलिंग मिस्ट प्लेट: यह तकनीक पानी को ठंडी भाप में बदलकर कैंप के अंदर नमी और ठंडक बनाए रखती है, जिससे अत्यधिक गर्म क्षेत्रों में भी जवानों को राहत मिलेगी।
500 मीटर रेंज के स्मार्ट सेंसर: कैंप में लगे विशेष सेंसर 500 मीटर की दूरी से ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि को भांप लेते हैं।
रेडियो फ्रीक्वेंसी कैमरे: संदिग्ध हरकत होते ही रेडियो फ्रीक्वेंसी के जरिए कैंप के अंदर लगी स्क्रीन पर लाइव वीडियो पहुंच जाएगा, जिससे जवान समय रहते सतर्क हो सकेंगे।
इको-फ्रेंडली पावर: इस मॉडल में 12 वोल्ट की सोलर प्लेट, 3.7 वोल्ट की बैटरी, मेटल गन और कूलिंग फैन का इस्तेमाल किया गया है।

रक्षा मंत्री को भेजा जाएगा पत्र
संस्थान के निदेशक डॉ. एन.के. सिंह ने रुचि के इस इनोवेशन की सराहना करते हुए कहा कि कॉलेज प्रशासन इस मॉडल को देश के रक्षा मंत्री के समक्ष पेश करने के लिए पत्र लिखेगा। इस शानदार कामयाबी पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया तथा संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल ने छात्रा को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।



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