सीवर के पानी से चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन बसों को सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, जानें खासियत

सीवर के पानी से चलने वाली देश की पहली हाइड्रोजन बसों को सीएम योगी ने दिखाई हरी झंडी, जानें खासियत

लखनऊ: सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (12 जून) को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस 45 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही, उत्तर प्रदेश में पहली बार पर्यावरण अनुकूल ग्रीन हाइड्रोजन बसों के संचालन का भी ऐतिहासिक शुभारंभ हो गया है। शुरुआती चरण में यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में तीन हाइड्रोजन बसें दौड़ेंगी, जिससे जेवर एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों की राह बेहद आसान हो जाएगी।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन अत्याधुनिक हाइड्रोजन बसों की अनूठी तकनीक के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि यमुना अथॉरिटी को ये तीनों हाइड्रोजन बसें एनटीपीसी ने उपलब्ध कराई हैं। अब ग्रीन हाइड्रोजन मोबिलिटी विकास की नई परिभाषा बन चुकी है।

कैसे काम करेगी यह तकनीक?

इन बसों को चलाने के लिए किसी ग्राउंड वाटर (भूजल) या सरफेस वाटर (नदियों-तालाबों के पानी) का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, बल्कि सीवर के गंदे पानी को पूरी तरह ट्रीट (साफ) करके उपयोग में लाया जाएगा। वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत पानी (H2O) में मौजूद दो हिस्से हाइड्रोजन और एक हिस्सा ऑक्सीजन को अलग-अलग किया जाएगा। इसमें से निकलने वाली शुद्ध ऑक्सीजन को वायुमंडल में छोड़ दिया जाएगा, जबकि हाइड्रोजन को कंप्रेस करके सिलेंडरों में भरा जाएगा, जिससे ये बसें बिना प्रदूषण फैलाए चलेंगी।

जेवर एयरपोर्ट शुरू होने तक बसों की संख्या होगी 110

सीएम योगी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 15 जून से नोएडा में देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) शुरू होने जा रहा है। तब तक इन बसों की संख्या को बढ़ाकर 110 कर दिया जाएगा और आने वाले समय में जिले के तीनों प्राधिकरण क्षेत्रों में कुल 500 इलेक्ट्रिक व हाइड्रोजन बसें चलाई जाएंगी।

उन्होंने कहा कि जब तक जेवर एयरपोर्ट तक मेट्रो कनेक्टिविटी का काम पूरा नहीं हो जाता, तब तक ये बसें यात्रियों को वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट की सुविधा देंगी। जेवर एयरपोर्ट के आसपास इन बसों के चलने से दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी।

2017 से पहले यूपी में था पहचान का संकट

बसों के शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, साल 2017 से पहले उत्तर प्रदेश टूटी सड़कों, गड्ढों और अराजकता के लिए जाना जाता था। निवेशकों में खौफ था और यूपी के नागरिकों के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। उन्होंने आगे कहा कि आज डबल इंजन सरकार की बदौलत राज्य में 4 लाख किलोमीटर का मजबूत रोड नेटवर्क तैयार है। यूपी आज देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे और इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला राज्य बन चुका है।

मुख्‍यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि त्रेतायुग में भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए थे, लेकिन आजादी के इतने दशकों बाद तक अयोध्या एक अदद एयरपोर्ट के लिए तरस रही थी। आज वहां महर्षि वाल्मीकि के नाम पर भव्य इंटरनेशनल एयरपोर्ट पूरी दुनिया का स्वागत कर रहा है।

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