जेल नहीं जायेंगे Avimukteshwaranand, पॉक्सो केस में SC से मिली बड़ी राहत
Avimukteshwaranand: सुप्रीम कोर्ट से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद को बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है. इलाहाबाद हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी. नाबालिग बटुकों के साथ कथित यौन शोषण और पॉक्सो एक्ट के मामले में शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह याचिका दायर की थी.
क्या है मामला?
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य की अग्रिम जमानत अर्जी पर अपना फैसला सुनाया था. कोर्ट ने शर्तों के साथ दोनों को गिरफ्तारी से राहत दे दी थी. इस फैसले के बाद शंकराचार्य खेमे ने इसे सत्य की जीत बताया था, लेकिन शिकायतकर्ता पक्ष इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था. हालांकि, अब सुप्रीम कोर्ट से भी शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी को झटका लगा है. अदालत ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करने से मना कर दिया है.
यह है पूरा विवाद
यह पूरा मामला प्रयागराज के माघ मेले और महाकुंभ से जुड़ा है. आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया था कि माघ मेला 2026 और महाकुंभ 2025 के दौरान मठ में रहने वाले नाबालिग बटुकों का यौन उत्पीड़न किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रयागराज की विशेष पोक्सो कोर्ट ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था. कोर्ट के कड़े रुख के बाद झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पोक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की थी. एक तरफ जहां पुलिस सूत्रों का दावा है कि जांच के दौरान दो बच्चों के बयान दर्ज किए गए और उनकी मेडिकल रिपोर्ट में शोषण की पुष्टि हुई है, वहीं दूसरी तरफ शंकराचार्य पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है.



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