Rampur: टीबी उन्मूलन में स्वास्थ्य विभाग का शानदार प्रदर्शन, खोज निकाले 3487 मरीज
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इलाज की सफलता दर रही 95 प्रतिशत, 915 डॉट्स और 31 बलगम जांच केंद्रों के जरिए मरीजों को मिल रहा जीवनदान
Rampur: टीबी (क्षय रोग) मुक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में रामपुर ने एक शानदार नजीर पेश की है। राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत जिले के स्वास्थ्य विभाग ने न सिर्फ अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय से हासिल किया है, बल्कि उसे पार करते हुए 109 प्रतिशत की बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। वर्ष 2026 के लिए जिले को 3274 टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन (खोज) का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने 3487 मरीजों को चिह्नित कर उन्हें इलाज से जोड़ा है। इसके साथ ही, जनवरी से अप्रैल 2026 की अवधि के आंकड़ों के अनुसार, जिले में टीबी के इलाज की सफलता दर (ट्रीटमेंट सक्सेस रेट) भी 95 प्रतिशत के उत्कृष्ट स्तर पर पहुंच गई है, जो यह दर्शाता है कि मरीजों को सिर्फ खोजा ही नहीं जा रहा, बल्कि उन्हें पूरी तरह स्वस्थ भी किया जा रहा है।
जांच से लेकर इलाज तक का बिछा है मजबूत जाल
जिले में संदिग्ध टीबी रोगियों की पहचान और उनके नि:शुल्क उपचार के लिए एक व्यापक नेटवर्क काम कर रहा है। वर्तमान में जिले भर में कुल 31 बलगम निरीक्षण केंद्र संचालित हैं, जहां खांसी या अन्य लक्षणों वाले संदिग्ध मरीजों के बलगम की निशुल्क जांच की जाती है। इस जांच में धनात्मक (पॉजिटिव) पाए जाने वाले मरीजों को तुरंत डॉट्स प्रोवाइडरों के माध्यम से इलाज पर रखा जाता है। मरीजों को दवाइयों के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए पूरे जिले में 915 डॉट्स सेंटर सक्रिय हैं, जो यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर मरीज को उसकी खुराक समय पर और पूरी तरह मुफ्त मिले।
एचआईवी और यूडीएसटी जांच में भी मिला शत–प्रतिशत परिणाम
टीबी के मरीजों में रोग प्रतिरोधक क्षमता और सही दवाओं के असर का पता लगाने के लिए होने वाली अन्य महत्वपूर्ण जांचों में भी रामपुर का प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। 15 मई 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में चिह्नित टीबी मरीजों में से 99 प्रतिशत का एचआईवी स्टेटस (नोन एचआईवी स्टेटस) जांचा जा चुका है। इसके अलावा, दवाओं के प्रति टीबी बैक्टीरिया के प्रतिरोध (ड्रग रेजिस्टेंस) का पता लगाने के लिए होने वाली यूडीएसटी (UDST) जांच भी 99 प्रतिशत मरीजों की पूरी कर ली गई है। इन दोनों ही मानकों पर जिले ने 10 में से 10 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है।
शाहबाद और सैदनगर सीएचसी का दबदबा
जिले की इस बड़ी सफलता में ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की स्वास्थ्य इकाइयों ने बराबर का योगदान दिया है। सरकारी क्षेत्र में मरीजों की खोज के मामले में सीएचसी शाहबाद और पीएचसी सैदनगर का प्रदर्शन सबसे शानदार रहा है। सीएचसी शाहबाद ने पब्लिक नोटिफिकेशन में 125 प्रतिशत और कुल नोटिफिकेशन में 123 प्रतिशत का आंकड़ा छुआ है। वहीं, पीएचसी सैदनगर ने पब्लिक नोटिफिकेशन में 127 प्रतिशत की उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र (प्राइवेट सेक्टर) से टीबी मरीजों को नोटिफाई करने में पीएचसी केमरी ने 133 प्रतिशत और डीटीसी रामपुर ने 111 प्रतिशत का शानदार लक्ष्य हासिल कर इस अभियान को और मजबूती दी है।
जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है और जिला प्रशासन इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हमारे स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने निर्धारित लक्ष्य से अधिक मरीजों को खोजकर बेहतरीन कार्य किया है। 95 प्रतिशत सफलता दर इस बात का प्रमाण है कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था मरीजों के पूर्ण उपचार के प्रति गंभीर है। हमारा संकल्प है कि एक-एक मरीज की पहचान कर उसका पूरा इलाज सुनिश्चित किया जाए, ताकि रामपुर को पूरी तरह से टीबी मुक्त जिला बनाया जा सके।



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