अखिलेश-आजम की तस्वीर के साथ लगाए गए पोस्टर, आक्रोशित सपाइयों ने फाड़े
बदायूं: बदायूं जिले के बहुचर्चित ऐतिहासिक कांड को ढाल बनाकर समाजवादी पार्टी को चौतरफा घेरने का प्रयास किया गया है। राज्य के कई प्रमुख शहरों में रातों-रात समाजवादी पार्टी के खिलाफ तीखे और हमलावर होर्डिंग्स व पोस्टर टांग दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक, बदायूं, नोएडा, गाजियाबाद, हरदोई, कानपुर, शाहजहांपुर, कन्नौज, उन्नाव और कानपुर देहात जैसे जिलों में ये विवादित पोस्टर प्रमुख चौराहों पर देखे गए हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक तापमान अचानक बढ़ गया है।
इन होर्डिंग्स में साल 2014 के चर्चित बदायूं डबल मर्डर और दुष्कर्म मामले का जिक्र किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि जब यह खौफनाक वारदात हुई थी, तब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार सत्ता में थी। उस वक्त इस घटना को लेकर देश भर में भारी आक्रोश देखा गया था। अब इस घटना के ठीक 12 साल बाद, उसी मुद्दे को दोबारा हवा देकर सड़कों पर पोस्टर के जरिए सपा पर सियासी हमला बोला गया है।
सफेद टोपी में अखिलेश और आजम खान की तस्वीरें
कन्नौज में लगे होर्डिंग्स में सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी करार दिया गया है। इन पोस्टरों में सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की तस्वीरें भी छपी हैं, जिसमें अखिलेश यादव को सफेद टोपी पहने दिखाया गया है। फिलहाल, इन विवादित होर्डिंग्स को लगाने वाले चेहरों का पता नहीं चल सका है। पोस्टर पर किसी प्रकाशक या संस्था का नाम न होने के कारण इन्हें अज्ञात तत्वों की करतूत माना जा रहा है।
प्रदेश में अचानक इस तरह की होर्डिंग्स दिखने के बाद सपा कार्यकर्ताओं और नेताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। कई शहरों में उग्र सपा कार्यकर्ताओं ने इन होर्डिंग्स को फाड़कर फेंक दिया और सड़कों से हटा दिया है। सपा पदाधिकारियों का कहना है कि यह विपक्ष को बदनाम करने की एक सोची-समझी साजिश है। पार्टी के नेता इस हरकत के पीछे शामिल अज्ञात अराजक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने की कानूनी तैयारी कर रहे हैं।



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