आगरा में जिप लाइन झूले से 45 फीट नीचे गिरा बच्चा, पिता बोले- घुमाने लाया था, शव कैसे ले जाऊं

आगरा में जिप लाइन झूले से 45 फीट नीचे गिरा बच्चा, पिता बोले- घुमाने लाया था, शव कैसे ले जाऊं

आगरा: जिले में चूड़ी कारोबारी के 15 वर्षीय बेटे की 45 फीट ऊंची जिप लाइन से गिरकर मौत हो गई। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा कि नाबालिग जिप लाइन झूले से जैसे ही दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसके सेफ्टी बेल्ट का हुक खुल गया और नीचे गिर गया। उसकी माता-पिता के सामने तड़प-तड़पकर मौत हो गई।

घटना शहर के ताजगंज में रविवार को हुई। कुनाल अग्रवाल माता-पिता के साथ फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। हादसे के बाद पुलिस ने जिप लाइन का संचालन बंद करा दिया। जिप लाइन संचालक को हिरासत में ले लिया गया है। परिवार का आरोप है कि जिप लाइन कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से हादसा हुआ।

शव के बगल बैठकर रोते रहे माता-पिता

फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल परिवार के साथ रविवार को आगरा पहुंचे। सुबह ताजमहल देखने के बाद ताजगंज की चौपाटी पहुंचे। वहां लगी जिप लाइन को देखकर कुनाल जिद करने लगा। कहने लगा कि उसे भी जिपिंग करनी है। उसकी जिद पर पिता ने अनुमति दे दी।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कर्मचारियों ने बच्चे जिप लाइन पर चढ़ाया और बेल्ट पहनाई। उसे दूसरे छोर की तरफ छोड़ा। इसी दौरान हादसा हो गया। बच्चा पहले लोहे की जाली से टकराया, फिर सीधे जमीन पर आ गिरा। माता-पिता ने दौड़कर बेटे को उठाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो गई। इसके बाद बेटे के शव के पास बैठकर रोने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिवार को समझाकर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया।

पिता ने कहा– बेटे को घुमाने लाया था, अब उसका शव कैसे लेकर जाऊं

पिता ने रोते हुए कहा कि जिप लाइन संचालकों की लापरवाही की वजह से मेरा बेटा चला गया। मैं तो उसे घुमाने लाया था, अब उसका शव कैसे घर लेकर जाऊं। चौपाटी में प्राथमिक इलाज की कोई व्यवस्था नहीं थी। न ही अस्पताल ले जाने के लिए कोई वाहन मौजूद था। इस कारण बेटे को समय पर इलाज नहीं मिल सका और मेरी आंखों के सामने उसकी मौत हो गई। शायद समय पर इलाज मिल जाता, तो बेटे की जान बच सकती थी।

पुलिस कमिश्नर बोले– दोषियों के खिलाफ एक्शन लेंगे

आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों को निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। ADCP हिमांशु गौरव ने बताया कि एडवेंचर गतिविधियों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

शुरुआती जांच में सुरक्षा उपकरणों और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल सामने आ रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा तकनीकी खराबी से हुआ या लापरवाही की वजह से।

ADA ने विकसित की चौपाटी

आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी ने ताजगंज में जयपुर के मसाला चौक की तर्ज पर 2023 में चौपाटी विकसित की थी। शुरुआत में पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी यहां अच्छी खासी भीड़ उमड़ी थी, लेकिन एक साल बाद लोगों का आना कम हो गया। इसके बाद पिछले साल अक्टूबर में ईओडी एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया।

कंपनी ने यहां जिप लाइनिंग, जिप साइक्लिंग, गो-कार्टिंग और बुलराइड जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स शुरू किए। इसके बाद रोमांच पसंद करने वाले युवाओं की यहां आवाजाही बढ़ने लगी।

जिप लाइन क्या होती है?

जिप लाइन एक तरह का झूला जैसा एडवेंचर खेल होता है। इसमें एक मजबूत तार या केबल दो ऊंची जगहों के बीच लगी होती है। व्यक्ति को सुरक्षा बेल्ट और हुक से इस तार से बांध दिया जाता है। जब उसे छोड़ा जाता है, तो वह तार के सहारे फिसलते हुए एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंचता है। इसमें व्यक्ति हवा में लटककर तेजी से आगे बढ़ता है, इसलिए इसे रोमांचक खेल माना जाता है।

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